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कांके के अर्बन हाट, नागाबाबा खटाल में हाईटेक सब्जी मार्केट पर करोड़ों खर्च, फिर भी योजना धरातल पर नहीं  

Ranchi :  नगर विकास विभाग और रांची नगर निगम की कई ऐसी महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं. जिसपर अभी तक करोड़ों रूपये खर्च हो चुके हैं. लेकिन यह योजना धरातल पर अबतक पूरी तरह से उतरी नहीं है. निगम परिषद की बैठक में मेयर आशा लकड़ा ने कई बार इन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर चुकी है. इन योजनाओं में कांके में बन रहा स्किल डेवपलमेंट, नागाबाबा खटाल में बन रहा सब्जी मार्केट और राजधानी के बीचों-बीच स्थित रांची लेक (बड़ा तालाब) के सौंदर्यीयकरण की योजना शामिल है.

बड़ा तालाब की स्थिति को लेकर तो हाईकोर्ट निगम को फटकार भी लगा चुका है. हालांकि फटकार के बाद निगम ने तालाब को साफ करने का काम शुरू किया. और रिजल्ट भी पॉजिटिव देखने को मिला. लेकिन करोड़ों रूपये खर्च होने के बाद भी तालाब की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है.

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योजना की लागत 6 से हुई 12 करोड़, डेटलाइन भी 30 नवंबर हुआ

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नागाबाबा सब्जी मार्केट में हाईटेक सब्जी मार्केट का डेटलाइन कई बार बढ़ाया गया है. लेकिन आज तक यह धरातल पर नहीं उतरी है. हाईटेक सब्जी मार्केट के निर्माण की पहली डेटलाइन 31 मार्च 2019 थी, जो कि फेल हो गयी. दरअसल 29 दिसंबर 2017 को तत्कालीन नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने मार्केट निर्माण योजना की आधारशिला रखी थी.

एकरारनामा के तहत, 15 माह में वेजिटेबल मार्केट का निर्माण होना था. जब इस योजना की आधारशिला रखी गयी थी, तो वेजिटेबल मार्केट की लागत 5.62 लाख थी. फिर अगस्त 2018 में नगर विकास मंत्री की पहल पर डीपीआर में फेरबदल किया गया. उसके बाद 5.62 करोड़ की योजना 12.84 करोड़ की योजना में परिवर्तित हो गयी.

फिर से योजना की डेटलाइन बढ़ायी गयी. मार्केट को जून 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया. लेकिन वास्तविक स्थिति यही है कि योजना का अभी तक केवल 60 प्रतिशत ही काम पूरा हुआ है. पिछले दिनों मेयर आशा लकड़ा ने एक समीक्षा बैठक में संवेदन को एक नया डेटलाइन दे दिया. उन्होंने मार्केट निर्माण के लिए 30 नवंबर 2020 तक समय निर्धारित किया.

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5 करोड़ खर्च के बाद काम रूका

कांके रोड स्थित रॉक गार्डेन के पीछे बन रहे अर्बन हाट की स्थिति किसी से छिपी नहीं है. अर्बन हाट की संरचना तैयार करने पर करीब 5 करोड़ रूपये खर्च कर दिये गये थे. लेकिन तत्कालीन सीएम रघुवर दास के सितंबर 2018 को दिये निर्देश के बाद अर्बन हाट की योजनाओं को बंद कर दिया गया. मई 2019 तक यह काम रूका रहा.

फिर यहां पर स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाने का निर्णय हुआ. सेंटर बनाने के लिए डीपीआर का काम भी शुरू हुआ. बताया गया कि इस काम अब करीब 30 करोड़ रूपये खर्च किये जाएंगे. लेकिन मेयर आशा लकड़ा ने अर्बन हाट को ही यहां पर बनाने की बात की है.

बीते दिनों इंजीनियरिंग विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा था कि कांके रोड स्थित अर्बन हाट के रूके कार्य को पूर्ण करने को लेकर विभाग में रिमाइंडर लेटर भेजकर दिशा-निर्देश लिया जाये. लेकिन नगर विकास विभाग पहले ही इसे स्किल डेवलपमेंट सेंटर के रूप में बनाने की बात कह चुका है.

पहले फेज में करोड़ो खर्च कर भी बड़ा तालाब को सुधार नहीं सका निगम

निगम द्वारा बनाये जा रहे बड़ा तालाब के सौंदर्यीकरण योजना का काम अभी तक लंबित है. पहले फेज में करीब 10 करोड़ खर्च कर निगम तालाब के सौंदर्यीकरण का दावा करता रहा है. लेकिन कंक्रीट के दीवार ने तालाब की रूपरेखा ही बिगाड़ कर रख दी.

बची-खुची स्थिति तालाब के बीच में स्थित वर्षों पुराने टापू पर बने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा और यहां तक पहुंचने के लिए बने बिज्र ने कर दी. पहले फेज में करोड़ों रूपये खर्च करने के बाद तालाब में फैली जलकुंभी की समस्या लगातार बनी रही.

हालांकि हाईकोर्ट की फटकार के बाद निगम ने स्वंय अपने स्तर पर काम शुरू किया. अब निगम 7.29 करोड़ की लागत से तालाब के दूसरे फेज के सौंदर्यीकरण का काम करने की तैयारी में है. इसके लिए बकायद टेंडर भी निकाला गया है.

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