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पुलिस आधुनिकीकरण पर करोड़ों खर्च और जवानों की दुर्दशा, ऊपर भी पानी-नीचे भी पानी (देखें वीडियो)

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जमशेदपुर में रिफ्रेशर कोर्स कर रहे जवानों की स्थिति का वीडियो वायरल

Ranchi: झारखंड में पुलिस को आधुनिक बनाने, पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के नाम पर पिछले कुछ सालों में करोड़ों रुपये खर्च किये गये.  लेकिन कई जगहों पर जवान अब भी नर्क की जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं. रविवार को जवानों की दुर्दशा का एक वीडियो वायरल हुआ है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि बारिश का पानी उपर से भी आ रहा है और नीचे से भी. टेंट के नाम पर प्लास्टिक का कनाट बनाया गया है और जवान खुद को और अपने सामान को बचाने में परेशान हैं. पुलिसकर्मियों के एक वाट्सएप ग्रूप पर जारी वीडियो में जो स्थिति दिख रही है, वह पुलिस आधुनिकीकरण को मुंह चिढ़ा रहा है.

जानकारी के मुताबिक कोल्हान प्रमंडल के तीनों जिलों के करीब 100 जवानों की रिफ्रेशर कोर्स जमशेदपुर पुलिस लाईन में चल रहा है. रिफ्रेशर कोर्स करीब दो माह चलता है. जिसमें ट्रेंनिंग को दोबारा दोहराया जाता है. वीडियो वहीं का है, इसकी पुष्टि झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने की है. हालांकि उन्होंने बताया कि रिफ्रेशर कोर्स एक जुलाई को समाप्त हो चुका है. पदाधिकारी ने बताया कि पिछले साल भी रिफ्रेशर कोर्स कर रहे जवानों की स्थिति एेसी ही थी. इसकी जानकारी मिलने पर जमशेदपुर के तत्कालीन एसएसपी अनूप टी मैथ्यू से इसकी शिकायत की गयी. जिसके बाद एसएसपी ने कोर्स बंद करा दिया था.

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वायरल वीडियो में यह साफ दिख रहा है कि रिफ्रेशर कोर्स के दौरान जवानों के ठहरने की व्यवस्था ठीक तरह से नहीं की गयी थी. वीडियो बनाने वाले जवान वीडियो में यह कह रहा है कि देख लीजिये, जवानों की दुर्दशा. पुलिस आधुनिकीकरण का सच. मुख्यमंत्री कहते हैं कि उनके जवान टाटा में रिफ्रेशर कोर्स कर रहें हैं. आप देख लीजिये, कैसे रिफ्रेशर कोर्स कर रहें हैं. वीडियो में यह साफ दिख रहा है कि जवानों का बेड जहां पर लगा हुआ है, उसके नीचे से बारिश का पानी बह रहा है. उपर में प्लास्टिक का टेंट है, जिससे पानी चू रहा है.

इस वीडियो को देखने के बाद पुलिस के एक अफसर ने कहा कि जैसा की होता रहा है. इस वीडियो की जानकारी मिलने के बाद पुलिस महकमा पुलिसकर्मियों की रहने की व्यवस्था पर ध्यान कम ही देंगे. हां, यह जरुर होगा कि वीडियो बनाने वाले जवान को इसकी सजा भुगतनी पड़ेगी. हो सकता है कि अपनी नारकीय जिंदगी के बारे में खुलासा करने के चक्कर में उस जवान को सस्पेंड ना कर दिया जाये.

इधर इस वीडियो के वायरल होने के बाद जवान इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि पुलिस आधुनिकीकरण के नाम पर आखिर करोड़ों की राशि जाती कहां है.

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