JharkhandLead NewsNEWSRanchi

चार्ज नहीं होने के कारण पड़े हैं करोड़ों के कृषि फीडर, किसानों को नहीं मिल रही निर्बाध बिजली

Ranchi: राज्य में लगाये गये कृषि फीडर अब तक शुरू नहीं किया गया है. झारखंड बिजली वितरण निगम की ओर से राज्य भर में कृषि क्षेत्रों को चिन्हित कर कृषि फीडरों पर कार्य किया गया. जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को निर्बाध बिजली देने की. साल 2017 से जेबीवीएनएल इस पर कार्य कर रही है. लेकिन अभी तक इन फीडरों को शुरू नहीं किया गया है. जिसकी प्रमुख वजह फीडरों को चार्ज नहीं किया जाना है. निगम की मानें तो साल 2017 से लेकर अब तक 47 कृषि फीडरों को बनाया गया. जिसके तहत 1, 981.29 किलोमीटर संचरण लाइन बिछायी गयी. लेकिन चार्ज नहीं होने के कारण इन्हें अब तक शुरू नहीं किया गया है. इन फीडरों में 40 फीडर सिर्फ रांची, देवघर, धनबाद में लगाये गये. इन जिलों में निगम ने 90.61 करोड़ खर्च किया है. इन तीन जिलों में तकनीकी कारणों से फीडर शुरू नहीं किया गया. जबकि इन जिलों में लगभग 16 हजार 406 कृषि उपभोक्ता हैं. जो फीडर से लाभान्वित होते हैं.

 

24 जिलों में लगने हैं 373 कृषि फीडर योजना केंद्र सरकार की है. जिसके तहत 373 कृषि फीडर राज्य भर में लगाये जाने हैं. इन फीडरों के तहत हर जिला में 11 से 15 फीडर लगाये जाने हैं. जिसमें से देवघर में 14, रांची में 11, कोडरमा में पांच, बोकारो में 13 कृषि फीडर लगाये गये. इसी तरह अन्य जिलों में भी फीडर लगे. निगम अधिकारियों की मानें तो सुदूर इलाके होने के कारण भगौलिक परेशानी आ रही है.

कैग ने भी जतायी आपत्ति: कृषि फीडरों के चालू नहीं होने पर कैग ने भी आपत्ति जतायी है. कैग ने निगम को सुझाव दिया है कि निष्क्रिय पड़े कृषि फीडरों को शुरू किया जाना चाहिये. जिससे कृषि उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति की जा सकें.

Sanjeevani

Related Articles

Back to top button