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विभागीय उदासीनता से 11 जिलों के 1366 शिक्षकों के भविष्य पर संकट,  आदेश के बाद भी परिणाम प्रकाशित नहीं

Ranchi : साल 2016 में राज्य के हाई स्कूलों में शिक्षकों के 17,552 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला गया था. इस विज्ञापन से होने वाली नियुक्ति की नियमावली में कहा गया है कि 75 फीसदी सीटों पर सीधी नियुक्ति की जायेगी. इसके अलावा 25 फीसदी सीटों पर प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों को मौका दिया जायेगा. अगर 25 फीसदी सीटों पर प्राथमिक स्कूल के शिक्षक नहीं मिलते हैं तो उक्त सीट पर सीधी नियुक्ति के सफल उम्मीदवारों की नियुक्ति की जायेगी. पर 25 फीसदी सीटों पर उम्मीदवार नहीं मिलने के बाद भी इस सीट पर सीधी नियुक्ति से चयनित उम्मीदवार को नियुक्त नहीं किया जा रहा है. ऐसे उम्मीदवारों का रिजल्ट ही अब तक जारी नहीं किया गया है.

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11 अनुसूचित जिले का है मामला

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25 फीसदी सीटों में नियुक्ति की मांग करने रहे शिक्षक छह अनिवार्य विषयों के शिक्षक हैं और ये 11 अनुसूचित जिले से आते हैं. प्रोजेक्ट भवन के सामने प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों से मिली जानकारी के अनुसार विज्ञापन संख्या 21/2016 से नियुक्ति होनी है. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 25 फीसदी सीटों में सीधी नियुक्ति के लिए इनका डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी किया जा चुका है. नियुक्ति नियमावली के अनुसार हिंदी. अंग्रेजी, इतिहास-नागरिकशास्त्र, भूगोल, गणित-भौतिकी एवं जीव विज्ञान-रसायनशास्त्र अनिवार्य विषय हैं जिनपर प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति करनी है.

 

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विभागीय उदासीनता का लग रहा आरोप

बताते चलें कि सत्यजीत कुमार बनाम झारखंड सरकार एवं सोनी कुमारी अन्य मामले में यह कहा गया था कि इस निर्णय से केवल 13 अनुसूचित जिलों में नियुक्ति प्रभावित होगी. 11 गैर अनुसूचित में नियुक्ति की जा सकती है. इससे पहले 23.11.2020 को कार्मिक विभाग की ओर से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग एवं स्कूली शिक्षा विभाग को पत्र भेज कर गैर अनुसूचित जिलों में परीक्षा फल प्रकाशन/नियुक्ति करने की बात कही गयी. इस पत्र के चार महीने बाद 18 फरवरी 2021 को एक और पत्र कार्मिक विभाग की ओर से स्कूली शिक्षा विभाग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को भेजा गया जिसमें कहा गया कि गैर अनुसूचित जिलों में परीक्षाफल प्रकाशन/नियुक्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने को कहा गया.

एक बार फिर आठ महीने बाद 06.10.2021 को कार्मिक विभाग ने एक और पत्र जारी किया. पर इस बार पत्र केवल स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को दिया गया है. अनुसूचित जिलों में इतिहास-नागरिकशास्त्र विषय में नियुक्तियां की जा चुकी हैं और सर्वोच्च न्यायालय में सोनी कुमारी बनाम झारखंड सरकार मामला चल रहा है. ऐसे में विचार करने के बाद गैर अनुसूचित जिलों में नियुक्तियां करने का निर्णय लिया गया है. इस पत्र के जारी होने के बाद भी रिजल्ट प्रकाशन/नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो पायी है.उम्मीदवार इसे विभागीय उदासीनता कह रहे हैं.

 

आदेश में विसंगति क्यों?

आंदोलन कर रहे उम्मीदवारों के अनुसार आठ महीने पहले परीक्षाफल प्रकाशन/नियुक्ति रोकने का आदेश झारखंड कर्मचारी चयन आयोग और शिक्षा विभाग दोनों को दिया गया है पर जब परीक्षाफल प्रकाशन/नियुक्ति को शुरू करने का आदेश दिया गया तो यह केवल शिक्षा विभाग को ही दिया गया. उम्मीदवारों के अनुसार सरकार अपने आदेश में ही विसंगति क्यों करती है. इसी अधूरे आदेश की वजह से प्रक्रिया शुरू नहीं हो पायी है.

11 जिलों में इतने शिक्षक कर रहे रिजल्ट का इंतजार

गढ़वा :- 134

पलामू :- 174

चतरा :- 118

हज़ारीबाग़ :- 109

रामगढ़ :- 102

कोडरमा :- 54

गिरिडीह :- 198

बोकारो :- 85

धनबाद :- 149

गोड्डा :- 139

देवघर :- 104

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