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#TelecomIndustry पर संकट का साया, 1.47 लाख करोड़ बकाया, वोडाफोन-आइडिया की सरकार से मदद की गुहार

अमेरिका में 1 जीबी मोबाइल डेटा की कीमत 12.37 डॉलर और ब्रिटेन में 6.66 डॉलर है जबकि भारत में महज 0.26 डॉलर है, यह दुनिया में सबसे सस्ता डेटा उपलब्ध कराने वाला देश बनकर उभरा है

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NewDelhi :  कहा जा रहा है कि दुनिया की सबसे सस्ती टेलिकॉम सेवाएं देने वाला भारत का दूरसंचार उद्योग आज  भारी आर्थिक संकट से गुजर रहा है. खबर है कि इंडस्ट्री पर 1.47 लाख करोड़ रुपये का बकाया है. आर्थिक संकट को लेकर वोडाफोन प्रबंधन का कहना है कि अगर सरकार ने उसकी मदद नहीं की तो कंपनी पर ताला लग सकता है.

जान लें कि वर्तमान में  टेलिकॉम इंडस्ट्री अरबों डॉलर के कर्ज में डूबी हुई है.  जियो द्वारा छेड़े गये प्राइस वॉर ने इंडस्ट्री की कमर टूट गयी है. खबर है कि लगातार घाटे के चलते कई कंपनियां इस सेक्टर से बाहर निकल चुकी हैं.

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अमेरिका में 1 जीबी मोबाइल डेटा की कीमत 12.37 डॉलर है

साल 2019 में अमेरिका में 1 जीबी मोबाइल डेटा की कीमत 12.37 डॉलर और ब्रिटेन में 6.66 डॉलर रही, जबकि भारत में महज 0.26 डॉलर है, जिसके कारण यह दुनिया में सबसे सस्ता डेटा उपलब्ध कराने वाला देश बनकर उभरा है.  साथ ही, यह दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला टेलिकॉम मार्केट है.

लेकिन साल 2016 में जियो के लॉन्च होने के बाद डेटा की कीमतें इतनी घट गयीं कि पूरा सेक्टर खोखला हो गया.  24 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका पर बकाये का भुगतान एजीआर (अडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) की नयी परिभाषा के आधार पर करने का आदेश दिया तो देश की दूसरी सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी वोडाफोन-आइडिया लिमिटेड ने चेतावनी देते हुए साफ कर दिया कि अगर राहत नहीं मिली तो कंपनी बंद हो जायेगी.  खबर है कि इंडस्ट्री पर 1.47 लाख करोड़ रुपये का बकाया है.

Whmart 3/3 – 2/4

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वोडाफोन-आइडिया की चेतावनी ताबूत की आखिरी कील की तरह लगती है

एक समय टेलिकॉम इंडस्ट्री में 7-8 कंपनियां होती थीं, जो घटकर तीन पर पहुंच गयी. चौथी कंपनी सरकारी है.  ऐसी स्थिति में वोडाफोन-आइडिया की चेतावनी ताबूत की आखिरी कील की तरह लगती है. प्राइस वॉर में एयरटेल तथा वोड-आइडिया को रेकॉर्ड घाटा हुआ, जबकि जियो का फायदा साल दर साल बढ़ता गया.  दूरसंचार कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन सीओएआई चाहता है कि ट्राई (TRAI) मार्च से पहले जल्द से जल्द डेटा के लिए फ्लोर प्राइस लाये.

काये को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर, 28,450 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग करने से एयरटेल को 30 सितंबर को समाप्त हुई तिमाही में 23,045 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ.  एयरटेल तथा वोडाफोन-आइडिया दोनों ही कंपनियों ने सरकार से इंट्रेस्ट तथा पेनल्टी में राहत की मांग की है और सुप्रीम कोर्ट में एक समीक्षा याचिका भी दायर की है.

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