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अपराधियों ने सदर अस्पताल को बनाया अपराध का कंफर्ट जोन, एफआइआर के बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं

 Ranchi: राजधानी रांची के सदर अस्पताल को अपराधियों ने अपराध का अपना कंफर्ट जोन बना लिया है. अपराधियों ने हाल के दिनों में सदर अस्पताल में दो बड़े वारदात को अंजाम दिए हैं लेकिन पुलिस किसी भी घटना का खुलासा नहीं कर पाई है. अगस्त महीने में साइबर अपराधियों ने सदर अस्पताल का जन्म मृत्यु से संबंधित आईडी पासवर्ड हैक कर 29 फर्जी जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बना लिए थे. जिनमें 22 जन्म और 7 मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत हुए थे. इस संबंध में तत्कालीन सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एस मंडल ने 21 अगस्त को लोअर बाजार थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी. यह प्रमाण पत्र 16 से 18 अगस्त के बीच जारी हुए थे. मामला प्रकाश में आने के बाद एफआईआर दर्ज कराया गया था, लेकिन 4 महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं और किसी भी साइबर अपराधी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. गिरफ्तारी के नाम पर पुलिस जांच जारी रहने की बात कहकर टाल मटोल कर रहे हैं.

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जिस नकली दवाओं से लोगों की बचाने की तैयारी चल रही थी उसे ही सदर अस्पताल परिसर में स्थित ड्रग एंड फूड कंट्रोल के कार्यालय से 27 नवंबर की रात को चोर उड़ा ले गए थे. साथ ही कंप्यूटर में रखे गए सैंपलों के ब्यौरे से भी छेड़छाड़ की गई. कंप्यूटर के कई हार्ड डिस्क गायब कर दिए गए. यहां पर कोरोना के दौरान व उसके बाद इस पूरे मामले पर राज्य ड्रग कंट्रोल के उप-निदेशक सुमंत कुमार तिवारी बताते हैं कि यह सोची समझी साजिश के तहत किया गया था.

 

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इस चोरी की घटना को लेकर लोअर थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है. जिसके बाद मामले की छानबीन चल रही है. इस मामले की जांच को लेकर सिटी डीएसपी सदर अस्पताल भी पहुंचे थे. तब सिटी डीएसपी ने कहा था कि अपराधियों को चिह्नित कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. 12 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस आज तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है.

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