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स्वस्थ समाज से ही समृद्ध एवं विकसित राज्य का होगा निर्माण : सीएम

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Ranchi : राज्यवासियों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. सरकार गठन के बाद से ही राज्य में स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक कार्य किए जा रहे हैं. लोगों को कैसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए राज्य व केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है. उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही. वे आरोग्य भारती द्वारा आयोजित स्वास्थ्य और संस्कृति के वाहक औषधीय पौधे विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थें.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि स्वस्थ समाज से ही समृद्ध एवं विकसित राज्य का निर्माण होगा. स्वास्थ्य चिकित्सा के क्षेत्र में राज्य सरकार का पूरा फोकस है. सरकार द्वारा देवघर में 15 एकड़ जमीन सेंट्रल काउंसिल ऑफ योग एंड नेचुरोपैथी को योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल की स्थापना के लिए दी गई है. श्री अरविंदो के सहयोग से रांची में योग केंद्र का संचालन किया जा रहा है. एनएचएम कैंपस में हर्बल गार्डन को विकसित करने का कार्य भी प्रगति पर है.

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आयुष अस्पताल के लिए इटकी में 5 एकड़ जमीन चिन्हित

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोड्डा होम्योपैथी कॉलेज का नया भवन बनकर तैयार है. जल्द ही इस कॉलेज का शुभारंभ होगा. चाईबासा में भी आयुर्वेदिक कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है. गिरिडीह में यूनानी कॉलेज का भवन बनकर तैयार है. इसका संचालन पीपीपी मोड पर किए जाने की योजना है. वहीं 50 वेडेड आयुष अस्पताल के लिए इटकी में 5 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है. साथ ही भारत सरकार को इसके लिए प्रस्ताव भी भेजा गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंट्रल काउंसिल ऑफ योग एंड नेचुरोपैथी को योग संचालन के लिए रांची में जगह दी गई है, यह केंद्र एक महीने में प्रारंभ हो जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में आयुष के अभियान निदेशक की अध्यक्षता में एक टीम छत्तीसगढ़ का भ्रमण पर गई थी. आयुष के क्षेत्र को विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है. नेशनल आयुष मिशन का अनुमानित बजट 28 करोड़ रुपये सरकार द्वारा रखा गया है.

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आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति देश की प्राचीन पद्धति है

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति देश की प्राचीन पद्धति है. मनुष्य के जीवन में बेहतर स्वास्थ्य मिल सके, इस हेतु आयुर्वेद एक महत्वपूर्ण औषधीय साधन है. हमारे देश की प्राचीन पद्धति को विदेशों में भी अब लोग ग्रहण कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में रोजगार के भी असीम संभावनाएं है. झारखंड प्रदेश जंगलों और वनों का प्रदेश है. सभी पेड़ पौधों में औषधीय गुण हैं, झारखंड में जड़ी बूटियों का भंडार है.

राज्य सरकार मेडिसिनल प्लांट बोर्ड को क्रियाशील करेगी. इस बोर्ड के माध्यम से आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने का काम किया जाएगा. आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने का हमारा पारंपरिक ज्ञान और तंत्र ज्ञान आज भी सुरक्षित है. आवश्यकता इस बात की है कि हम आधुनिक विज्ञान और तंत्रज्ञान का इस पारंपारिक विज्ञान और तकनीकी विज्ञान से तालमेल बिठायें और अच्छी गुणवत्ता वाले औषधीय पदार्थों का अधिक से अधिक मात्रा में उत्पादन करें. हम सबों को नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए हर संभव प्रयास करने की आवश्यकता है.

मौके पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैद्य तोरान बानरा, बंधन सिंह खेरवार, मोहन हांसदा, भूषण चंद पांडेय सहित अन्य को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. वहीं इस अवसर पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से संबंधित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया.

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