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एक सप्ताह बाद भी नहीं आयी है 350 से अधिक पुलिसकर्मियों की कोविड-19 की जांच रिपोर्ट

Ranchi: झारखंड पुलिस के 350 से अधिक पुलिसकर्मियों की कोविड-19 की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के बाद भी नहीं आई है. पुलिस मुख्यालय में कैंप लगाकर पुलिसकर्मियों की जांच के लिए नमूने लिए गए थे. रिपोर्ट नहीं आने से यह पता ही नहीं चल पाएगा कि कौन कोरोना वायरस से संक्रमित है और कौन नहीं. ऐसी स्थिति में अगर संक्रमित जवान या अधिकारी की रिपोर्ट जब तक आएगी तब तक वह अपने कई सहयोगियों को इस वायरस का संक्रमण बांट चुका होगा. यही स्थिति रही तो कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने में पुलिस-प्रशासन नाकाम हो जाएगी. इससे पुलिस मुख्यालय के अधिकारी व कर्मी परेशान हैं.

62 हज़ार 631 पुलिसकर्मियों ने पहला व 39 हज़ार 748 ने लिया वैक्सिन का दूसरा डोज

झारखंड में कोरोना की दूसरी लहर की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है और इसकी चपेट में कई लोग आ रहे हैं. कई पुलिसकर्मी भी इसके शिकार हुए हैं.  पुलिसकर्मियों को कैसे बचाया जाए इसको लेकर वैक्सिनेशन की प्रकिया को और दुरुस्त किया गया है. अबतक कुल 62 हज़ार 631 पुलिस कर्मियों को वैक्सीन का पहला डोज दिया जा चुका है, जबकि वैक्सीन का दूसरा डोज लेने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या 39 हज़ार 748 तक पहुंच चुकी है.

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Sanjeevani

अब टोपी से परहेज करेंगे पुलिस अधिकारी व जवान

कोरोना वायरस के चलते अब झारखंड पुलिस के जवान-अधिकारी टोपी नहीं पहनेंगे. ऐसा कहा जा रहा है कि टोपी पहनने से बार-बार उसे छूने की जरूरत महसूस होती है. उसे ठीक करने के लिए बार-बार हाथ ले जाना पड़ता है. पुलिस फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में काम करती है. भीड़ में रहती है, ऐसी स्थिति में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बना रहता है. पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिसकर्मियों से मास्क पहनने व सैनिटाइजर से बार-बार हाथ सैनिटाइज करते रहने का भी आदेश जारी किया है. वर्दी भी गर्मी वाला पहनना है, लेकिन टोपी नहीं पहनना है.

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