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COVID-19 4th wave: देश के सात राज्यों में मिले डेल्टाक्रॉन के मरीज, जाने क्या है इसके लक्षण

New Delhi: कोरोना के मामलो अभी थोड़ी गिरावट आनी शुरू हुई ही थी कि अब एक नया वैरिएंट सामने आया गया है, जो चौथी लहर का कारण बन सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस रिकॉम्बिनेंट वैरिएंट के बारे में कहा कि ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों के तेजी से फैलने के कारण ये स्थिति आनी ही थी. कोविड-19 के इस नए वैरिएंट का नाम डेल्टाक्रॉन (Deltacron) है, जो ओमीक्रॉन और डेल्टा के जुड़ने से तैयार हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस वैरिएंट की पहचान भारत में हो चुकी है और 7 राज्यों में मिलने वाले मरीजों को निगरानी में रखा गया है. इन राज्यों में कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दिल्ली शामिल हैं.

ऐसे हुई डेल्टाक्रॉन की पहचान

डेल्टाक्रॉन की पहचान फरवरी 2022 में हुई थी. दरअसल, पेरिस के वैज्ञानिकों ने कोरोनावायरस का एक नया वैरिएंट देखा था, जो कि पिछले वैरिएंट्स से बिल्कुल अलग था. डेल्टाक्रॉन का सैंपल उत्तरी फ्रांस के एक बुजुर्ग व्यक्ति से आया था. सैंपल की जांच करने पर वैरिएंट काफी अलग लग रहा था. इस वैरिएंट की जांच में पाया गया कि इसके अधिकतर जेनेटिक्स डेल्टा वैरिएंट के समान थे, जो पिछले साल के अंत तक दुनिया भर में डोमेनेंट वैरिएंट था. लेकिन इस वैरिएंट का वह हिस्सा जो वायरस के स्पाइक प्रोटीन को एन्कोड करता है और जिसका उपयोग यह कोशिकाओं के अंदर जाने के लिए करता है, वह ओमिक्रॉन से आया है.

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डेल्टाक्रॉन के मुख्य लक्षण

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नेशनल हेल्थ सर्विस के मुताबिक, ओमिक्रॉन और डेल्टा के रिकॉम्बिनेशन से बने इस वायरस के लक्षण वैसे ही हैं, जैसे कि पिछली महामारी में थे. लेकिन वैज्ञानिक अभी भी इसकी निगरानी कर रहे हैं और इसके अन्य लक्षणों के बारे में खोज कर रहे हैं.

डेल्टा को कोरोना का अब तक का सबसे घातक रूप माना जाता है और डेल्टाक्रॉन, डेल्टा और ओमिक्रॉन के जुड़ने से बना है. अगर कोई इससे संक्रमित होता है तो संक्रमित व्यक्ति को कुछ हल्के और कुछ गंभीर लक्षण महसूस हो सकते हैं.

सिरदर्द, तेज बुखार, पसीना आना, ठंड लगना, गले में खराश, लगातार खांसी, थकान, एनर्जी में कमी, शरीर दर्द, ओमिक्रॉन के BA.2 वैरिएंट के लक्षण हैं. Omicron BA.2 के अन्य लक्षण बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, थकान और हार्ट रेट बढ़ना है.

डेल्टाक्रॉन पर की गई स्टडी के मुताबिक, इस वैरिएंट के 2 प्रमुख लक्षण चक्कर आना और थकान हैं, जो कि संक्रमित होने के 2-3 दिन के अंदर महसूस होने लगते हैं. कुछ रिपोर्ट बताती हैं कि डेल्टाक्रॉन का असर नाक से ज्यादा पेट पर हो रहा है. पेट पर इसके प्रभाव के कारण रोगी को दस्त, उल्टी, पेट में दर्द, जलन, सूजन और डाइजेसन जैसी समस्याओं हो सकती हैं.

 

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