Corona_UpdatesNationalTOP SLIDER

कोवैक्सीन को डब्ल्यूएचओ की मंजूरी के लिए अभी करना होगा इंतजार

New Delhi : भारत बायोटेक की कोविड-19 की वैक्सीन कोवैक्सीन को फिलहाल डब्ल्यूएचओ की मंजूरी नहीं मिली है. उसे मंजूरी के लिए अभी औऱ इंतजार करना होगा. इसे लेकर अब एक और नयी डेट आ गयी है. कहा जा रहा है कि अगले सप्ताह कोवैक्सीन को डब्ल्यूएचओ से मान्यता मिल सकती है. हालांकि इससे पहेल इसके जुलाई में मंजूरी मिल जाने की बात कही गयी थी. फिर अगस्तल के अंत तक इसे मंजूरी मिलने की बात कही जाने लगी. लेकिन अगस्त में भी मंजूरी नहीं मिली और अब एक बार फिर सितंबर में मंजूरी मिलने की बात कही गयी है.

इसे भी पढ़ें:भाजपा सरकार ने स्थानीय नीति को गलत तरीके से परिभाषित किया : सीता सोरेन

बता दें कि कोवैक्सीन मेड इन इंडिया वैक्सीन है. इसे हैदराबाद की भारत बायोटेक बना रही है. डब्ल्यूएचओ की हरी झंडी मिलने के बाद कोवैक्सीनन को निर्यात करने का रास्ता खुल जायेगा. साथ ही जिन लोगों ने कोवैक्सीन लगवायी है, उनके लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने के लिए बंदिशें भी नरम हो जायेंगी.

advt

भारत में फिलहाल मुख्य रूप से तीन वैक्सीन लगायी जा रही हैं. कोवैक्सीन उनमें से एक है. इसके अलावा कोविशील्ड और स्पूतनिक-वी लगायी जा रही है. भारतीय दवा नियामक ने इमर्जेंसी यूज ऑथराइजेशन (EUA) के लिए मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन को मंजूरी दी है.

इसे भी पढ़ें:JAC : 14 सितंबर से होगी पीटीटी और मदरसा परीक्षा, केंद्र निर्धारित

किन्हें मिली है मंजूरी

दूसरे देशों में कोवैक्सीन की सप्लाई के लिए जरूरी है कि उसे डब्लूकएचओ की इमर्जेंसी यूज लिस्टिंग (EUL) का अप्रूवल मिला हो.

डब्लूएचओ की ग्लोकबल एडवाइजरी कमेटी कई बातों का मूल्यांकन करने के बाद ईयूएल देती है. इनमें कोरोना वैक्सीीन की क्वाओलिटी, सेफ्टी और उपयोगिता शामिल हैं.

अब तक डब्लूकएचओं ने 6 वैक्सीमनों को ईयूएल दिया है. इनमें फाइजर-बायोएनटेक, एसके बायो और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII), एस्ट्रालजेनेका ईयू, जैनसन, मॉडर्ना और सिनोफार्म की वैक्सीन शामिल हैं.

इसे भी पढ़ें:हैवियस कॉर्पस मामलाः हाइकोर्ट ने सीडब्ल्यूसी को जवाब दाखिल करने का दिया निर्देश

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: