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कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी रिपोर्ट: खराब मौसम में पायलट की गलती से दुर्घटनाग्रस्त हुआ जनरल रावत का हेलीकॉप्टर

New Delhi : 8 दिसंबर 2021 को हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत और 13 अन्य लोगों की मृत्यु हो गई थी. इस मामले पर वायु सेना ने कहा कि, ‘ट्राई-सर्विसेज कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ ने अपनी प्रारंभिक निष्कर्ष रिपोर्ट सौंप दी है.

रिपोर्ट के अनुसार, 8 दिसंबर को अप्रत्याशित ढंग से मौसम में बदलाव के कारण बादलों में प्रवेश के कारण यह हेलीकॉप्टर हादसा हुआ था. बादलों में फंसने के कारण पायलट का स्थानिक भटकाव हुआ. कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में हेलीकॉप्टर दुर्घटना के कारणों के रूप में यांत्रिक विफलता, तोड़फोड़ या लापरवाही को खारिज किया गया है.

आपको बता दें कि, जांच दल ने दुर्घटना के संभावित कारण का पता लगाने के लिए सभी उपलब्ध गवाहों से पूछताछ के अलावा फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर का विश्लेषण किया है.

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तोड़फोड़-विध्वंस या लापरवाही को खारिज किया

कोर्ट ऑफ इंक्वायरी ने दुर्घटना के कारण के रूप में किसी यांत्रिक विफलता, तोड़फोड़-विध्वंस या लापरवाही को खारिज कर दिया है. प्रारंभिक निष्कर्ष रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना घाटी में मौसम में अप्रत्याशित बदलाव के कारण बादलों में प्रवेश के कारण हुई थी. इसके परिणामस्वरूप पायलट अपने तयशुदा रास्तों से भटक गया. अपने निष्कर्षों के आधार पर कोर्ट ऑफ इंक्वायरी ने कुछ सिफारिशें की हैं जिनकी समीक्षा की जा रही है.

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आप को बता दे कि, जनरल बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ थे, जो तीनों सेनाओं के बारे में रक्षा मंत्री के मुख्य सैन्य सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे. जनरल बिपिन रावत, 1 जनवरी 2020 को भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बने थे. सीडीएस की मुख्य जिम्मेदारी अभियानों में संयुक्तता लाकर संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए सैन्य कमानों की पुनर्संरचना करना है.

CDS सेना के तीनों अंगों के मामले में रक्षा मंत्री के प्रमुख सैन्य सलाहकार के रूप में कार्य करते हैं. इसके साथ ही तीनों सेनाओं के अध्यक्ष रक्षा मंत्री को अपनी सेनाओं के संबंध में सुझाव भी देते हैं.

इन समितियों का सदस्य होता है CDS

CDS रक्षा मंत्री की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की अध्यक्षता वाली रक्षा नियोजन समिति का सदस्य होता हैं. इसके अलावा परमाणु कमान प्राधिकरण के सैन्य सलाहकार के रूप में भी कार्य करता है.

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का कार्य होगा कि वह सेना के तीनों अंगों के बीच दीर्घकालिक नियोजन, ट्रेनिंग, खरीद और परिवहन के कार्यों के लिए समन्वयक का कार्य करे.
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को साइबर और स्पेस कमांड का भी जिम्मा दिया गया है. सीडीएस के कार्यों में सबसे खास कार्य यह है कि वो रक्षा मंत्रालय के तहत नवगठित सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में कार्य करेगा.

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