न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

34 साल बाद सिख दंगा मामले में कोर्ट ने एक दोषी को मौत की सजा सुनायी

दूसरे दोषी को उम्रकैद की सजा सुनायी

27

New Delhi: 34 साल बाद 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में किसी को मौत की सजा दी गयी है. मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने हत्या के दोषी ठहराए गए नरेश सहरावत को उम्रकैद की सजा सुनाई. वहीं यशपाल सिंह को मौत की सजा दी. कोर्ट ने दोनों पर 35-35 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने पिछले हफ्ते इस मामले पर संबंधित सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. गृह मंत्रालय ने 2015 में 1984 के दंगों से जुड़े मामलों की जांच के लिए SIT का गठन किया था. उसके बाद यह पहली सजा है. अभियोजन और पीड़ितों पक्ष के वकील ने दोषियों के लिए फांसी की मांग की थी. बचाव पक्ष की ओर से रहम की गुहार लगाई गई थी. केंद्र के आदेश पर गठित एसआइटी ने पिछले सप्ताह अडिशनल सेशन जज अजय पांडे के सामने सजा पर बहस के दौरान दलील दी थी कि दोषियों का अपराध गंभीर प्रकृति का है, जिसे पूरी साजिश के तहत अंजाम दिया गया, इसलिए हत्या के अपराध के लिए उन्हें अधिकतम सजा के तौर पर फांसी दी जाए.

दो युवकों की हत्या के मामले में हुई सजा

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कई देश के शहरों में दंगे भड़क उठे थे. इसी दौरान साउथ दिल्ली के महिपालपुर इलाके में 1 नवंबर 1984 को दो सिख युवकों की हत्या कर दी गई. उस समय पीड़ित हरदेव सिंह की उम्र 24 साल और अवतार सिंह की उम्र 26 साल थी. मंगलवार को इसी मामले में यशपाल और नरेश को सजा हुई है. इससे पहले अदालत ने दोनों आरोपियों को आइपीसी की कई धाराओं के तहत दोषी ठहराया था और फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद दोषियों को हिरासत में ले लिया गया था.

silk_park

इसे भी पढ़ें – भंवर में फंस सकता है महागठबंधन, वामदलों के बाद झामुमो का एक खेमा अकेले मैदान में उतरने का भर रहा दंभ

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: