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पांच महीने से बीएड कॉलेजों में एडमिशन के लिए चल रहा काउंसेलिंग, करोड़ों कमाई कर लगा दी रोक

काउंसेलिंग फीस के नाम पर वसूले गये नौ करोड़

Ranchi : झारखंड के सात विवि के 136 बीएड कॉलेजों की 13600 सीटों में एडमिशन के लिए झारखंड कम्बाइंड की ओर से पीछे पांच महीने काउंसेलिंग की गई. पर इन पांच महीने में न तो कॉलेज को स्टूडेंट्स मिले और न ही एडमिशन प्रक्रिया पूरी हुई. उच्च शिक्षा विभाग की शिथिलता का खामियाजा स्टूडेंट्स को उठाना पड़ रहा है. झारखंड कम्बाइंड काउंसेलिंग फीस के नाम पर स्टूडेंट्स से लगभग नौ करोड़ रुपये वसूल कर रखा हुआ है. स्टूडेंट्स की तलाश में चार राउंड की काउंसेलिंग के बाद फाइनल राउंड की काउंसेलिंग हुई. इसके बाद भी अपरिहार्य कारण का हवाला देते हुए एडमिशन पर रोक लगा दी है.

जनवरी से चल रही काउंसेलिंग

बीएड कॉलेजों में एडमिशन के लिए चार राउंड के बाद एक स्पेशल राउंड काउंसेलिंग भी हो चुकी है. पहले राउंड की काउंसेलिंग के लिए 23 से 25 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन चला. इसके बाद 31 जनवरी तक एडमिशन लेने को कहा गया. दूसरे राउंड की काउंसेलिंग तीन फरवरी से रजिस्ट्रेशन पांच फरवरी तक चला. इसके बाद 20 फरवरी तक एडमिशन लेने को कहा गया. तीसरे राउंड की काउंसेलिंग के लिए तीन से 10 मार्च तक प्रक्रिया चली. इस प्रक्रिया के बाद 20 मार्च एडमिशन लेने को कहा गया. चौथे राउंड की काउंसेलिंग 26 मार्च से 30 मार्च तक चला. इस राउंड के सेलेक्टेड स्टूडेंट्स को 10 अप्रैल तक एडमिशन लेने को कहा गया. चार राउंड की काउंसेलिंग के बाद भी स्टूडेंट्स नहीं मिले तब झारखंड कम्बाइंड के स्पेशल राउंड काउंसेलिंग करायी. यह स्पेशल राउंड 15 से 18 अप्रैल तक चला. इस स्पेशल राउंड काउंसेलिंग में सेलेक्टेड स्टूडेंट्स का एडमिशन लिस्ट 21 अप्रैल को जारी होना था. जिसे झारखंड कम्बाइंड ने जारी न करते हुए अपरिहार्य कारण बताते हुए अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया.

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पिछले सत्र का हो रहा एडमिशन

राज्य में एकेडमिक सेशन 2020–22 की एडमिशन प्रकिया चल रही है. बीते साल कोरोना की वजह से समय पर सत्र शुरू नहीं हो सका. इस तरह से देखें तो दो साल के कोर्स का एक साल पूरा हो जाने के बाद भी एडमिशन नहीं लिया जा सका है. जबकि मध्यप्रदेश, बिहार, ओडिशा जैसे राज्य 2021-23 सत्र का एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं. बीएड कॉलेज संचालक भी इस रवैये से परेशान हैं. बीएड कॉलेज संचालकों ने काउंसेलिंग की बजाय ओपन एडमिशन शुरू करने की अनुमति मांगी पर अभी तक उनके पत्र का कोई जवाब नहीं दिया गया. कॉलेज संचालकों की माने तो काउंसेलिंग का तरीका ही ऐसा है कि निजी कॉलेजों को स्टूडेंट्स नहीं मिल रहे हैं.

काउंसेलिंग फीस से कमाये करोड़ों

झारखंड कम्बाइंड की और से अब तक पांच राउंड काउंसेलिंग हो चुकी है. पहले राउंड की काउंसेलिंग में 76,361 स्टूडेंट्स से काउंसेलिंग फ़ीस ली गयी. एक स्टूडेंट्स से 400 काउंसेलिंग फीस ली गयी. पांच राउंड की काउंसेलिंग में हर बार लगभग उतने ही स्टूडेंट्स शामिल हुए जितने पहले राउंड की काउंसेलिंग में शामिल हुए. इस तरह से एक राउंड की काउंसेलिंग में  झारखंड कम्बाइंड को लगभग तीन करोड़ रूपये की कमाई हुई. पांच राउंड की काउंसेलिंग से अब तक 15 करोड़ रूपये से अधिक झारखंड कम्बाइंड कमा चुका है.

 

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