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सरकार और रांची MSW के काम से नाखुश पार्षदों ने बाबूलाल मरांडी को बतायी अपनी पीड़ा

Ranchi : रांची नगर निगम में पार्षदों की बात नहीं सुनी जाती. शहर की सफाई का ठेका लेनेवाली कंपनी मनमानी करती है. नगर विकास मंत्री भी शहर की सफाई को लेकर कंपनी पर बरस चुके हैं, फिर भी आरएमएसडब्ल्यू कंपनी को नहीं हटाया जा सका है. वहीं, निगम के पार्षद कह रहे हैं कि नगर निगम के बोर्ड में हुए फैसलों को निगम लागू करने में अक्षम दिख रहा है. शहर की सफाई और जनहित के कार्य पूरे नहीं होने से क्षुब्ध पार्षदों ने झारखंड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी से पार्टी कार्यालय में मिलकर अपनी पीड़ा और हो रहे अपमान एवं अधिकारों के हनन को लेकर ज्ञापन सौंपा.

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RMSW को क्षेत्र विस्तार और प्रोत्साहन राशि दिये जाने पर उठाया सवाल

पार्षदों द्वारा सौंपे गये ज्ञापन में पार्षदों ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण नगर की सफाई नहीं हो रही है. नगर की सफाई करनेवाली आरएमएसडब्ल्यू कंपनी को बोर्ड के निर्णय के बाद भी नहीं हटाने गया और उसे पांच करोड़ रुपये देकर उसे क्षेत्र विस्तार दिया गया. जबकि, पार्षद इसका विरोध कर चुके हैं. हाल के दिनों में नगर विकास मंत्री का बयान आया है कि कंपनी शहर की सफाई ठीक से नहीं कर रही है. यदि कंपनी ठीक से काम नहीं कर रही है, तो उसे हटाने की बजाय कार्य विस्तार करना और प्रोत्साहन राशि पांच करोड़ रुपये देने के पीछे सरकार एवं नगर विकास मंत्री की क्या मंशा है, यह समझ से परे है. पार्षदों का कहना है कि वार्ड पार्षदों के कार्य पर सरकार को एतराज है, अनुशंसा पर मनमानी का आरोप लगाया गया है. ऐसे में  सरकार को बताना चाहिए पार्षदों को क्या-क्या अधिकार प्राप्त हैं और पार्षदों का क्या काम है, क्योंकि जिस तरह विधायक, सांसद को जनता चुनकर भेजती है, उसी तरह पार्षदों को भी जनता चुनकर नगर निगम भेजती है. पार्षदों का कहना है कि 74वें संशोधन में दिये गये अधिकारों को देने के बाद भी वार्ड समिति का गठन करायें और नगर की सफाई में फेल कंपनी को हटाया जाये, क्योंकि कंपनी के कारण पार्षदों की वार्ड में फजीहत होती है.

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अपनी खामियों को छिपाने के लिए जनता के बीच पार्षदों को दोषी ठहरा रही सरकार : बाबूलाल मरांडी

पार्षदों की पीड़ी जानने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि नगर निगम बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया जा चुका है, कंपनी द्वारा शहर की सफाई ठीक से नहीं करने के बावजूद कंपनी हटाई नहीं जा रही है, तो फिर यह समझ से परे है कि उस कंपनी को सरकार और नगर विकास मंत्री क्यों नहीं हटा रहे हैं. मरांडी ने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों का अपमान करना ठीक नहीं है. सरकार अपनी कमियों, खामियों को छिपाने के लिए पार्षदों को जनता के बीच दोषी ठहरा रही है, क्योंकि जनता सरकार के कार्यों से संतुष्ट नहीं है और 2019 में चुनाव होना है. ऐसे में सरकार अपने को पाक-साफ दिखाना चाहती है. उन्होंने पार्षदों की मांग को जनहित में जायज बताया, वहीं कहा कि हमारी पार्टी पार्षदों के साथ है, जरूरत पड़ी तो इस विषय को लेकर अध्ययन कर आगे की लड़ाई लड़ी जायेगी.

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ये पार्षद मिले बाबूलाल से

बाबूलाल मरांडी से मिलनेवाले पार्षदों में अर्जुन यादव, विनोद सिंह, झरी लिंडा, मोहम्मद एहतेशाम, शुचिता रानी राय, जेरमिन कुजूर, अर्जुन राम, आनंदमूर्ति, शशि सिंह, सविता कुजूर, उर्मिला यादव, पूनम देवी, सोनी परवीन, नसीम गद्दी, पुष्पा तिर्की, जमीला खातून, सोनी परवीन, विजयलक्ष्मी, पिंटू राज, प्रीति रंजन, फैयाज वारसी, नाजिमा रजा, शबाना खान, बसंती लकड़ा, फिरोज आलम, साजदा खातून शामिल थे. इस दौरान झारखंड विकास मोर्चा रांची ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रभु दयाल बड़ाईक और महानगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता भी मौजूद थे.

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