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  पार्षदों के बहिष्कार के कारण दूसरे दिन हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक, अपनी शर्तों पर शामिल हुए पार्षद

मेदिनीनगर नगर निगम में इन दिनों अधिकतर पार्षदों के साथ मेयर और नगर आयुक्त के संबंध ठीक नहीं बताये जा रहे हैं. 

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Palamu : मेदिनीनगर नगर निगम में इन दिनों अधिकतर पार्षदों के साथ मेयर और नगर आयुक्त के संबंध ठीक नहीं बताये जा रहे हैं.  यही कारण है कि पार्षद मेयर और नगर आयुक्त के विरोध में उतर आये हैं. उनके विरोध और बहिष्कार के कारण गुरुवार को निगम बोर्ड की बैठक नहीं हो सकी. काफी मान मनौव्वल के बाद भी जब पार्षद बैठक में शामिल होने के लिए तैयार नहीं हुए, तो बैठक को रद्द करना पड़ा. शुक्रवार को हुई बैठक में पार्षद अपनी शर्तों पर शामिल हुए.

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पार्षद क्यों चल रहे नाराज?

दरअसल, 35 में से 27 पार्षदों का आरोप है कि बैठक में उनकी बातों को अनसुना किया जाता है. वे जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं. जनहित के मामलों में उनकी महत्वपूर्ण जवाबदेही है. लेकिन मनमाने तरीके से निगम की व्यवस्था चलाये जाने के कारण उन्हें तरजीह नहीं दी जाती. पार्षदों ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है. पार्षद प्रदीप अकेला ने कहा कि जनप्रतिनिधि होते हुए भी उन्हें किसी योजना की जानकारी नहीं दी जाती और न ही उन्हें इस बात की जानकारी दी जाती है कि शहर में किस मद में और कितनी राशि की योजना चल रही है.

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डेढ़ साल से उपेक्षा का आरोप

पार्षद प्रदीप अकेला ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से उनकी उपेक्षा हो रही है. इस अवधि में न तो कोई उनकी बात सुनी गयी और ना ही उनसे कोई राय ली गयी. इस कार्यकाल में नगर निगम ने ऐसा कोई कार्य भी नहीं किया, जिसे उपलब्धि में गिना जाये योजनाएं बनाकर बैठक में देते हैं, लेकिन उन्हें कभी चयनित योजनाओं में रखा ही नहीं जाता. इसका नतीजा हुआ है कि आज हम क्षेत्र की जनता से बात कर पाने की स्थिति में नहीं हैं.

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कार्यवाही की संपुष्टि, कई निर्णयों की हुई समीक्षा

आज की बैठक में पिछले बैठक की कार्यवाही की संपुष्टि की गयी. पूर्व की बोर्ड बैठक में लिये गये निर्णयों की समीक्षा, वार्ड के मुहल्लों में मुख्य पाइप लाइन में लूप पाइप लाइन जोड़कर यथा संभव पानी का कनेक्शन देने, रांची नगर निगम की तर्ज पर पानी के बिल के समाधान हेतु वेवर कमेटी बनाने, महापौर और उपमहापौर की अनुशंसा पर आपातकालीन स्थिति में एक लाख तक के कार्य आयुक्त द्वारा कराने पर चर्चा की गयी

कोयल पुल के दोनों ओर बने टैक्सी स्टैंड को गार्डवाल देकर वेंडर जोन सह टैक्सी स्टैंड में पेवर ब्लॉक लगाकर निर्माण कराने, गांधी मैदान के किनारे मैदान से हटकर वेंडर जोन के डीपीआर पर सहमति देने, नगर निगम अंतर्गत चापाकल के बोरिंग को रिबोरिंग एवं नये चापाकल लगाने, नवनिर्मित जोन कार्यालय में एक-एक मोटरसाइकिल युक्त फागिंग मशीन, हर वार्ड में दो-दो गार्बेज ई रिक्शा एवं जोन में एक-एक ट्रैक्टर माउंटेड पे लोडर क्रय करने एवं जोनल कार्यालय के संचालन पर विचार विमर्श किया गया.

बैठक में 14वें वित्त आयोग की राशि से ग्रामीण क्षेत्र में बड़े रोड, तालाब सौंदर्यीकरण, नया बस स्टैंड, वेंडर जोन एवं नदी किनारे गिरिवर स्कूल से भीखम दास मंदिर नदी के पाट का चैड़ीकरण कर मरीनड्राइव के तर्ज पर सजाने, महापौर एवं उप महापौर द्वारा अपने कोटे का काम ग्लोबल टेंडर द्वारा कराने, चैक चैराहे का निर्माण एवं वॉल पेंटिंग कराने आदि पर भी चर्चा हुई.

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