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न्यूक्लियस मॉल सहित 35 संस्थानों से निगम ने नहीं वसूला जुर्माना, मामला अभी भी लंबित

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Ranchi : शहर के बड़े मॉल में से न्यूक्लियस मॉल सहित 35 भवन मालिकों ने अभी तक निगम द्वारा होल्डिंग टैक्स पर लगाये जुर्माने का भुगतान नहीं किया है. सूचना के मुताबिक गत आठ माह पहले निगम ने शहर के करीब 35 भवनों मालिकों को एक नोटिस भेजा था. नोटिस में कहा गया था कि संबंधित भवन मालिकों ने ज्यादा होल्डिंग टैक्स देने से बचने के लिए निगम को अपने भवन के क्षेत्रफल की झूठी जानकारी दी थी. इसके एवज में ही संबंधित भवन मालिकों पर निगम ने एक पेनल्टी नोटिस भेजा था. इसमें सबसे अधिक 46 लाख का पेनल्टी न्यूक्लियस मॉल के सीएमडी विष्णु अग्रवाल पर निगम ने लगाया गया था. लेकिन अभी तक मॉल के सीएमडी ने निगम को उक्त पेनल्टी का भुगतान नहीं किया है. ना ही निगम ने अभी तक उस पेनल्टी को वसूलने का काम किया है. नोटिस मिलने के बाद न्यूक्लियस मॉल के द्वारा निगम को एक लीगल नोटिस भेजे जाने की बात भी एक स्थानीय अखबार ने प्रमुखता से छपी थी. इसमें कहा गया था कि संबंधित सीएमडी ने निगम को एक लीगल नोटिस भी भेजा था. अब निगम को भेजे इस लीगल नोटिस को लीगल शाखा सिरे से नकार रहा है. दूसरी और निगम के राजस्व शाखा के अधिकारियों ने अब पुनः एक बार ऐसे भवन मालिकों को फिर से पेनाल्टी नोटिस भेजने की बात कही है.

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35 भवन मालिकों को भेजा गया था नोटिस

मालूम हो कि गत वर्ष दिसम्बर माह में निगम ने शहर के कई भवन मालिकों को अपने भवन के क्षेत्रफल की गलत जानकारी देने के एवज में एक नोटिस भेजा था. निगम के मुताबिक भवनों के सेल्फ असेसमेंट कराने वाले संबंधित मालिकों ने अपने भवन का दायरा वास्तविक मापी से कम बताया था. ऐसे भवन मालिकों में न्यूक्लियस मॉल, जीएल मिशन चर्च शॉपिंग कॉम्पलेक्स, रोशन लाल भाटिया जीएल चर्च, रोशन लाल भाटिया जीएल चर्च, गुरुनानक अस्पताल रिसर्च सेंटर, जीएल मिशन गोस्सनस हाई स्कूल, छोटानागपूर डायसिसियन ट्रस्ट सहित करीब 35 भवन शामिल थे. इसमें सबसे ज्यादा न्यूक्लियस मॉल के सीएमडी का नाम चर्चा में आया था. निगम ने सबंधित व्यक्ति पर करीब 46 लाख का जुर्माना ठोंका था. हालांकि नोटिस मिलने के एवज में न्यूक्लियस मॉल के सीएमडी ने निगम पर यह कहकर करीब 350 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा किया था कि उनकी प्रतिष्ठा को गलत तरीके से बदनाम किया जा रहा है. इस संबंध में उनके वकील द्वारा निगम के नगर आयुक्त, तत्कालीन नोडल ऑफिसर फरहत अनिसी को एक नोटिस भी भेजा गया था.

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ना भेजा गया कोई नोटिस, ना निगम ने वसूला जुर्माना

निगम के लीगल शाखा के अधिकारी के मुताबिक न्यूक्लियस मॉल के सीएमडी विष्णु अग्रवाल ने निगम को किसी तरह का कोई लीगल नोटिस नहीं भेजा था. जब उनसे यह पूछा गया कि एक स्थानीय अखबार में यह खबर प्रमुखता से छापी गयी थी कि उनके द्वारा निगम को एक लीगल नोटिस भेजा गया है. उसपर उनका कहना था कि यह पूरी तरह से मनगढ़त बात है. अगर कोई लीगल नोटिस भेजा भी जाता, तो उसपर जरूर कोई कार्रवाई की जाती. वही संबंधित सीएमडी पर लगाये जुर्माना की वसूली पर जब जानकारी निगम के राजस्व शाखा प्रभारी फरहत अनीसी से ली गयी, तो उन्होंने बताया कि अभी तक उपरोक्त 35 भवन मालिकों से किसी तरह का कोई जुर्माना नहीं वसूला गया है.

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डिमांड और रिकवरी सेल वसूलेगा जुर्माना

जुर्माना वसूलने की बात पर फरहत अनीसी ने न्यूज विंग को बताया कि इस कार्य के लिए गत वर्ष जुर्माना कार्य वसूलने के लिए पारित अधिनियम डिमांड और रिकवरी सेल-2017 अधिनियम को निगम ने अभी हाल में ही लागू किया है. जल्द ही संबंधित सेल द्वारा एक बार फिर ऐसे भवन मालिकों को नोटिस भेजा जाएगा. अगर फिर भी जुर्माना नहीं जमा किया जाता है, तो संबंधित अधिनियम के धारा 184 के तहत निगम कार्रवाई करेगा. मालूम हो कि धारा 184 के तहत निगम ऐसी संपंति को सील कर सकता है. उसके बाद भी अगर टैक्स जमा नहीं किया गया तो ऐसी संपत्ति को नीलाम करने की भी शक्ति निगम को है.

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