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#Coronavirusindia : जानें धनबाद, गिरिडीह, पलामू और बेरमो में कोरोना को लेकर क्या-क्या हुआ

Dhanbad, Palamu, Giridih, Bermo: देश भर में कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट है. स्वास्थ्य विभाग से लेकर विभिन्न महकमे और संस्थान अपनी ओर से इस वायरस के संक्रमण से बचने के लिए उपाय कर रहे हैं. झारखंड में भी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए उपाय किये जा रहे हैं. झारखंड सरकार ने शिक्षण संस्थानों और सिनेमाघरों को बंद का आदेश पहले ही दे दिया है. उसके बाद से कई संस्थान भी अपने स्तर से एहतियाती उपाय कर रहे हैं.

धनबाद के धनसार में कोरोना के दो संदिग्ध मिलने की अफवाह पर रेस हुआ स्वास्थ्य विभाग

धनसार में मंगलवार को लोगों ने दो युवकों में कोरोना संक्रमण होने की अफवाह उड़ा दी. लोगों ने बताया बेंगलुरु से कोरोना के जो संदिग्ध फरार हुए थे, ये वही हैं. हालांकि प्रशासन ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है.

धनबाद में कोरोना के दो संदिग्ध.

बताया जाता है कि वे मंगलवार को ही बेंगलुरु से धनबाद के धनसार पहुंचे हैं. उन्हें सर्दी, खांसी और बुखार की समस्या है. बुधवार को स्थानीय लोगों ने पुलिस को यह सूचना दी कि बेंगलुरु से भाग कर कोरोना के दो मरीज धनसार पहुंचे हैं. स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस वहां पहुंची लेकिन उसे पकड़ने से बचती रही.

नमूनों को भेजा जायेगा जांच के लिएः मामले की सूचना पीएमसीएच को दी गयी. सूचना मिलते ही पीएमसीएच से एंबुलेंस के साथ डॉक्टरों की टीम वहां पहुंची. डॉक्टरों की टीम ने दोनों से पूछताछ की. हालांकि पूछताछ में उन लोगों ने ऐसी कोई जानकारी डॉक्टरों को नहीं दी जिससे यह पता चल पाये कि वह कोरोना का संदिग्ध है. फिलहाल डॉक्टरों ने उसे पीएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया है. डॉक्टरों ने कहा कि अभी इसे कोरोना पीड़ित या कोरोना का संदिग्ध कहना जल्दबाजी होगी. इन दोनों के खून के नमूनों को जांच के लिए भेजा जायेगा. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.

बेंगलुरु में पढ़ाई कर रहे थे दोनों युवकः इस संबंध में सिविल सर्जन गोपाल दास ने कहा कि दोनों बेंगलुरु में पढ़ाई कर रहे थे. बेंगलुरु में छुट्टी हो जाने के कारण दोनों धनबाद अपने घर आ गये.

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बेरमो अनुमंडल का तेनुघाट सिविल कोर्ट भी 31 मार्च तक हुआ बंद

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच संक्रमण से बचाव के लिए बेरमो अनुमंडल के तेनुघाट स्थित सिविल कोर्ट को भी बुधवार से बंद कर दिया गया है. 31 मार्च तक केवल जरूरी मामलों पर सुनवाई होगी. उच्च न्यायालय के आदेशानुसार और कोरोना वायरस के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है. इन मामलों में होगी सुनवाई-बेरमो सिविल कोर्ट में केवल जरूरी मामले जैसे जमानत, अग्रिम जमानत, रिमांड के मामले ही सुने जायेंगे. बाकी सभी वाद चार अप्रैल के बाद सुने जायेंगे.

हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन के निर्देश पर इस संबंध में बुधवार को आदेश जारी कर दिया गया है. इस दौरान जेल परिसर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही बंदियों की पेशी होगी. गवाहों को अदालत में नहीं आने पर 31 मार्च तक कोई दंडनात्मक आदेश पारित नहीं होगा.

पलामू में बाहर से आनेवाले यात्रियों की जांच के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर बनाया गया हेल्प डेस्क

महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस से बचाव के लिए पलामू में कई स्तरों पर तैयारी है. बाहर से आनेवाले यात्रियों की जांच के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्यकर्मियों को तैनात किया गया है. हेल्प डेस्क बनाया गया है. हर आनेवाले यात्रियों पर नजर रखने की हिदायत दी गयी है. जिस किसी व्यक्ति में सर्दी, बुखार, खांसी जैसे लक्षण दिखाई देने पर उसकी जांच कर संबंधित दवाओं को निश्चित रूप से देने का निर्देश दिया गया है.

कोरोना वायरस से संबंधित रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड पर बने हेल्प डेस्क का जिले के उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि ने निरीक्षण किया. इसके अलावा उन्होंने सदर अस्पताल में बने कंट्रोल रूम तथा आइसोलेशन वार्ड का भी जायजा लिया. निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने वहां मौजूद सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ कैनेडी को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिये.

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गिरिडीहः बुधवार से 31 मार्च तक गिरिडीह कोर्ट के तीन गेटों किये गये बंद, गैर न्यायिक कार्यों पर भी लगा पांबदी

कोरोना के कहर को देखते हुए हाइकोर्ट के निर्देश पर गिरिडीह व्यवहार न्यायलय में कई महत्पूर्ण निर्णय लिये गये. बुधवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश डीके तिवारी के निर्देश पर कोर्ट के तीन गेटों को जहां बंद कर दिया गया, वहीं अनावश्यक लोगों के कोर्ट आने पर पांबदी लगा दी गयी है. यही नहीं कोर्ट में आनेवाले न्यायिक पदाधिकारियों से लेकर अधिवक्ताओं को अब चेहरे पर मास्क लगा कर ही आना पड़ेगा. यह आदेश 31 मार्च तक के लिए है.

कोर्ट आने की इजाजत सिर्फ वैसे मुदालय और अधिवक्ताओं को ही है, जिनका कोर्ट में रुटीन बहस है. जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि अगले कुछ दिनों तक न्यायलय में गैर न्यायिक कार्य पर पूरी तरह से पांबदी लगी रहेगी. साथ ही केस के संबधित अधिवक्ता के साथ सिर्फ एक व्यक्ति के कोर्ट में आने की अनुमति दी गयी है. हालांकि राहत की बात है कि कोर्ट के कार्य की अवधि में कोई फेरबदल नहीं किया गया है.

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