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#CoronaVirus: देश में संक्रमितों की संख्या 1100 के पार-30 की मौत, पलायन के मसले पर SC में सुनवाई आज

New Delhi: देशभर में सोमवार सुबह तक कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 1100 के पार पहुंच गई और इस वायरस से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 30 हो गया.

इसी बीच, केंद्र सरकार ने प्रवासी श्रमिकों द्वारा कोरोना वायरस के सामुदायिक संचरण को रोकने के लिए देशभर में राज्य और जिलों की सीमाओं को सील करने का आदेश दिया और पहले ही सीमाएं पार कर चुके लोगों को 14 दिन पृथक रहने को कहा. इस बीच पलायन के मसले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है.

देश में कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा 1100 के पार

कोरोना वायरस से फैली महामारी हिंदुस्तान में लगातार पैर पसार रही है. रविवार को देश में कोरोना वायरस के जहां 1024 केस थे, वहीं सोमवार सुबह तक ये संख्या 1100 से आगे पहुंच गई है. इस जानलेवा वायरस से 30 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 98 लोग अबतक ठीक या डिस्चार्ज किए जा चुके हैं. पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्यों से नए मामले सामने आए.

भारतीय सेना के एक डॉक्टर और एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) के रविवार को कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई. कर्नल रैंक के डॉक्टर कोलकाता में कमान अस्पताल में सेवा दे रहे हैं, जबकि जेसीओ देहरादून में सेना के एक बेस में तैनात हैं.

सूत्रों ने बताया कि सेना ने उन सभी लोगों का पता लगा लिया है जो इन दोनों के संपर्क में आए हैं और उन्हें आइसोलेट कर दिया गया है.

माना जा रहा है कि डॉक्टर और जेसीओ इस महीने के शुरू में राष्ट्रीय राजधानी के पास सेना के एक केंद्र में गए थे.

सामने आये नये संक्रमित मामलों में स्पाइसजेट का पायलट भी शामिल है जिसने विदेश की कोई यात्रा नहीं की है. साथ ही नये मामले नोएडा तथा बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से सामने आये हैं.

दिल्ली से मध्य प्रदेश स्थित अपने गृहनगर के लिए रवाना हुए एक प्रवासी श्रमिक की 200 किलोमीटर से अधिक पैदल चलने के बाद उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई.

मजदूरों के पलायन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

लॉकडाउन की वजह से रोजाना कमाने खाने वाले मजदूरों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. काम और खाने-पीने के संकट में आए हजारों प्रवासी मजदूर पैदल ही घर लौटते नज़र आए, जिसके बाद कुछ बसों का इंतजाम करवाया गया.

अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जहां इन प्रवासी मजदूरों की मदद, उनकी वापसी के लिए प्रशासन को निर्देश देने की अपील की गई है. इसे लेकर सोमवार को सुनवाई होगी.

पलायन रोकने के लिए बॉर्डर सील करने के निर्देश

दिहाड़ी मजदूरों के सड़को पर मूवमेंट को देखते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त निर्देश दिए गए हैं. पलायन रोकने के लिए राज्यों के बॉर्डर सील करने का कड़ा निर्देश दिया गया है. लॉकडाउन को सफल बनाने की जिम्मेवारी जिला के डीएम और एसपी को दी गयी है.

स्थानीय प्रशासन को हाईवे पर सिर्फ जरूरी वस्तुओं की गाड़ियों को आने-जाने का आदेश दिया गया है. लॉकडाउन को लेकर सख्ती बरतने के लिए लिए 29 मार्च को केंद्र सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गए हैं.

केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से कहा कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जाए. सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेश के डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी की तरफ से कहा गया है कि आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई फिलहाल सुनियोजित ढंग से आम जनता तक पहुंचायी जाये.

लॉक़डाउन के कारण मजदूरों को हो रही परेशानी के बीच कई लोग मदद के लिए भी सामने आ रहे हैं. धर्मार्थ संगठनों, स्वयंसेवकों, धार्मिक संस्थानों और रेलवे सुरक्षा बल सहित सरकारी निकायों ने देशभर में हजारों लोगों को भोजन कराया.

भारत को सावधानी बरतनी जरूरी है

कई अन्य देशों की तुलना में भारत में मौतों की कुल संख्या अभी भी कम है, लेकिन विशेषज्ञों में इसको लेकर व्यापक चिंताएं हैं कि आंकड़े में अचानक वृद्धि देखी जा सकती है और संक्रमण के सामाजिक संचरण को रोकने के लिए सामाजिक दूरी बनाये रखना ही एकमात्र तरीका है.

दुनिया भर में इस वायरस से 30,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है जिसमें अकेले यूरोप में 20,000 लोगों की मौत हुई है. वहीं स्पेन और इटली में एक दिन में 800 से अधिक मौतें हुई हैं. इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए दुनिया की आबादी का लगभग एक तिहाई लॉकडाउन में है. वहीं इससे नौकरियां, उत्पादन और आर्थिक गतिविधियां रुक गई हैं.

चीन के वुहान में प्राधिकारियों ने शहर को आंशिक रूप से फिर से खोलने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिये हैं. वहां दो महीने से अधिक समय तक 1.1 करोड़ लोग करीब-करीब पृथक रहे. कोरोना वायरस संक्रमण सबसे पहले चीन के वुहान में ही सामने आया था और यह बाद में पूरी दुनिया में एक संकट बन गया.

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