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कोरोना के नये रूप डेल्टा प्लस वैरिएंट का कहर, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मामले

NEW DELHI: देश में कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट का खतरा बढ़ने लगा है. देश के आठ राज्यों महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और तेलंगाना में कोरोना वायरस के खतरनाक वैरिएंट डेल्टा के 50 फीसदी मामले मिले हैं. 35 राज्यों के 174 जिलों में डेल्टा वैरिएंट मिल चुका है, जबकि हाल ही में सामने आए डेल्टा प्लस के मामले अब तक 12 राज्यों में सामने आ चुके हैं.

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा केस

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि अब तक देश में अनुक्रमित (जीनोम) किए गए 45 हजार नमूनों में से कोविड-19 के डेल्टा प्लस स्वरूप के 51 मामले 12 राज्यों में सामने आए हैं और उनमें से सबसे अधिक 22 मामले महाराष्ट्र से आए हैं. इसके साथ ही केंद्र ने इस बात पर जोर दिया कि इस उत्परिवर्तन के अब भी ‘बहुत सीमित’ मामले हैं और यह नहीं कहा जा सकता कि इसमें वृद्धि का रुझान दिख रहा है.

 

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डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले बढ़े

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने कहा है कि डेल्टा-प्लस 12 देशों में मौजूद है. वेरिएंट ऑफ कंसर्न के केसेज का अनुपात मई के 10.3 प्रतिशत से बढ़कर जून में 51 प्रतिशत हो गया है. हालांकि भार्गव ने कहा कि लैब के निष्कर्षों से पता चलता है कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी हैं.कोवैक्सीन से एंटीबॉडी के स्तर को बेअसर करने में तीन गुना कमी और कोविशील्ड में दो गुना कमी आई है. फाइजर और मॉडर्न वैक्सीन में कमी कम से कम सात गुना है. उन्होंने कहा कि इनकी तुलना सही नहीं हो सकती है क्योंकि टीकों में प्रभावकारिता के विभिन्न स्तर होते हैं.

 

वैक्सीन की प्रभावशीलता का टेस्ट

INSACOG की जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट के अनुसार, डेल्टा-प्लस वेरिएंट, जिसे वेरिएंट ऑफ कंसर्न (VoC) के रूप में कैटेगराइज किया गया है, इसने संचरण क्षमता, फेफड़ों की कोशिकाओं के रिसेप्टर्स के लिए स्ट्रॉन्ग बाइडिंग और मोनोक्लोनल एंटीबॉडी रिस्पॉन्स में संभावित कमी को बढ़ाया है. अधिकारियों ने कहा कि नए डेल्टा-प्लस संस्करण के कारण संक्रमण,  बीमारी की गंभीरता, पुन: संक्रमण और टीकों, दवाओं की प्रभावकारिता की निगरानी के लिए आगे की इंवेस्टिगेशन जारी है. भार्गव ने कहा कि ” डेल्टा-प्लस वेरिएंट के खिलाफ टीकों की प्रभावशीलता का भी टेस्ट किया जा रहा है और परिणाम 7-10 दिनों में आने की उम्मीद है.”

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महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस से मौत

महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई है. कोरोना से होने वाली यह देश में दूसरी मौत और महाराष्ट्र में पहली मौत है. राज्य में डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित कुल 21 मरीज हैं. मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी एक मरीज की मौत हो चुकी है.  उज्जैन में दो मरीज डेल्टा प्लस वैरियंट से संक्रमित मिले थे, जिनमें एक महिला मरीज की मौत हो गई थी.

इस बीच डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले बढ़ने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने पाबंदियां बढ़ाने के नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. रैपिड एंटीजन या अन्य जांच के बजाय आरटी-पीसीआर जांच के आधार पर पाबंदियों को घटाया-बढ़ाया जाएगा. डेल्टा के मामले मिलने पर पाबंदी बढ़ाई जा सकती है.

 

गर्भवती महिलाओं को जल्द मिलेगा टीका

जल्द ही गर्भवती महिलाओं को टीका दिया जाएगा. पहली बार भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा, फैसला लिया गया है कि गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण में छूट दी जाए. उम्मीद है कि अगले माह पहले सप्ताह से गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण पहली बार शुरू हो सकेगा.

 

कोवोवैक्स के पहले बैच का उत्पादन शुरू

अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स की बनाया टीका कोवोवैक्स के पहले बैच का उत्पादन भारत में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में शुरू हो गया है. सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने ट्वीट कर कहा, यह टीका 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी कारगर साबित हो सकती है. इसका ट्रायल अभी जारी है.

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