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#CoronaEffect:3700 कर्मचारियों की छंटनी करेगा उबर, CEO ने लेटर लिख कहा- जरूरत नहीं अब आपकी

NW Desk : वैश्विक महामारी कोरोना का असर विशव में बढ़ता ही जा रहा है. कई देश लॉकडाउन हैं और कारोबार पर इसका बहुत बड़ा असर पड़ा है. कई कंपनियां दिवालिया होने की कगार पर हैं. देशों की अर्थव्यवस्था अब किस पड़ाव पर है, ये किसी से छिपा नहीं है. दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका भी इन दिनों अर्थव्यवस्था की मार झेल रहा है.

कोरोना का प्रकोप अर्थव्यवस्था पर ऐसा है कि अब बड़ी-बड़ी कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर ली है. इसका असर अमेरिकी में भी देखने को मिल रहा है. 74 हजार लोगों की कोरोना से मौत के बाद अब अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ रिकॉर्ड निचले स्तर पर है. 1930 में आयी महामंदी के बाद अब बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा है. आलम ये है कि सबसे पावरफुल कंट्री की भरोसेमंद कंपनियां भी अब छंटनी करने की तैयारी में हैं.

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उबर के सीईओ ने लेटर लिखकर दी छंटनी की जानकारी

इसी क्रम में अमेरिका की ऐप आधारित राइड कंपनी उबर ने अपने 3700 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है. इसकी जानकारी उबर की ओर से यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) में दी गयी है.

जानकारी में उबर की ओर से कहा गया है कि कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न हुई आर्थिक चुनौतियों, अनिश्चितता और कारोबार पर भी इसके प्रभाव पड़ा है, इस वजह से कंपनी ने अपने परिचालन खर्च को कम करने की योजना तैयार की है.

वहीं उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही ने कर्मचारियों को एक लेटर लिखा है कि, हमारी राइड ट्रिप वॉल्यूम्स में काफी गिरावट आयी है और साथ ही कम्युनिकेशन ऑपरेशन्स जैसी जरूरते भी बहुत कम हो गयी है, जिससे इन दिनों रिक्रुटर्स के लिए पर्याप्त काम नहीं है. और इसी वजह से कंपनी की ओर से ये फैसला लिया गया है.

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अमेरिका में अर्थव्यवस्था के हालात सबसे खराब

यहां बता दें कि कोरोना संकटकाल में अप्रैल का महीना वैश्विक तौर पर बेहद बुरा रहा है. अगर नौकरियों की लिहाज से बात करें तो अप्रैल का महीना सबसे खराब रहा है. और अमेरिकी इकोनॉमिस्ट के अनुमान के मुताबिक, सिर्फ अप्रैल में 2.18 करोड़ नौकरियां चली गयी हैं. लेकिन इसका सटीक आंकड़ा आने में अभी एक दिन का वक्त है. जिससे कहा जा रहा है कि जॉब की लिहाज अप्रैल का महीना अमेरिकियों के लिए बेहद खराब रहा है.

वहीं कोरोना की वजह से अमेरिका का हाल सबसे बुरा है. वहां के ऑफिस, कारखाने, स्कूल, निर्माण कार्य के अलावा स्टोर्स भी बंद हैं. जिससे आर्थवस्वस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है.

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