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CoronaEffect: अगस्त में भारत का कच्चे इस्पात का उत्पादन चार % घटकर 84.78 लाख टन रहा

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New Delhi: कोरोना वैश्विक महामारी के कारण देश की अर्थव्यवस्था एक ओर जहां बुरी तरह से प्रभावित हुई है. वहीं उद्योग-धंधे पर भी बहुत विपरीत प्रभाव पड़ा है. जिसका नतीजा उत्पादन में कमी है. इस कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण भारत का कच्चे इस्पात का उत्पादन अगस्त, 2020 में चार प्रतिशत घट गया है. और उत्पादन घटकर 84.78 लाख टन रह गया. विश्व इस्पात संघ (वर्ल्डस्टील) ने यह जानकारी दी है. इससे पिछले साल के समान महीने में देश का कच्चे इस्पात का उत्पादन 88.69 लाख टन रहा था.

वर्ल्डस्टील की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक इस्पात उत्पादन में अब सकारात्मक रुख दिखने लगा है.
आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में वैश्विक स्तर पर 64 देशों का इस्पात उत्पादन 0.6 प्रतिशत बढ़कर 15.62 करोड़ टन पर पहुंच गया. ये 64 देश वर्ल्डस्टील को इस्पात उत्पादन की जानकारी उपलब्ध कराते हैं.

कोरोना के कारण वैश्विक उत्पादन प्रभावित

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘कोविड-19 की वजह से पैदा हुई मुश्किलों के चलते इस माह के कई आंकड़े अनुमान पर आधारित हैं, जिन्हें अगले महीने उत्पादन के आंकड़े जारी करते समय संशोधित किया जा सकता है.’ अगस्त, 2019 में वैश्विक इस्पात उत्पादन 15.53 करोड़ टन रहा था. सालाना आधार पर अगस्त में चीन का कच्चे इस्पात का उत्पादन अगस्त में 8.4 प्रतिशत बढ़कर 9.48 करोड़ टन पर पहुंच गया, जो अगस्त, 2019 में 8.74 करोड़ टन था.

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वहीं अमेरिका का कच्चे इस्पात का उत्पादन 24.4 प्रतिशत घटकर 55.88 लाख टन रहा, जो पिछले साल के समान महीने में 73.96 लाख टन था. इसी तरह जापान का कच्चे इस्पात का उत्पादन 20.6 प्रतिशत घटकर 64.46 लाख टन रहा, जो एक साल पहले 81.20 लाख टन रहा था. दक्षिण कोरिया का इस्पात उत्पादन 1.8 प्रतिशत घटकर 59.05 लाख टन से 58 लाख टन रह गया.

जर्मनी का कच्चे इस्पात का उत्पादन 13.4 प्रतिशत घटकर 28.30 लाख टन रहा. वहीं इटली का उत्पादन 9.7 प्रतिशत बढ़कर 9.39 लाख टन पर पहुंच गया. अगस्त, 2020 में फ्रांस का इस्पात उत्पादन 31.2 प्रतिशत घटकर 7.22 लाख टन और स्पेन का 32.5 प्रतिशत घटकर 6.96 लाख टन रहा. ब्राजील ने अगस्त में 27 लाख टन कच्चे इस्पात का उत्पादन किया, जो अगस्त, 2019 से 6.5 प्रतिशत अधिक है. तुर्की का कच्चे इस्पात का उत्पादन 22.9 प्रतिशत बढ़कर 32 लाख टन पर पहुंच गया.

 

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