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23 लाख महिलाएं बनीं कोरोना वारियर्स, ग्रामीणों को कर रहीं जागरूक

  • सखी मंडल की दीदियों को दिया जा रहा है कोविड अनुरूप व्यवहार का प्रशिक्षण
  • ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण संबंधित दे रहीं हैं जानकारियां

Ranchi : राज्य की सखी मंडल की 23 लाख महिलाओं ने ग्रामीण इलाकों में कोरोना वायरस के संक्रमण संबंधित जागरुकता कार्य को बढ़ाने की बागडोर अपने हाथों में ले ली है.

सखी मंडल की महिलाओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना से बचाव के लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जिससे गांव के हर घर तक कोरोना वायरस के प्रति लोगों की जागरुकता बढ़ेगी और वे इसे गंभीरता से लेते हुए संक्रमण की कड़ी को तोड़ने में अपनी भागीदारी निभायेंगे.

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इस निमित्त ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा सखी मंडल की महिलाओं को ऑफ-लाइन एवं ऑन-लाइन माध्यमों से कोविड-19 से बचाव एवं टीकाकरण के फायदे को लेकर प्रशिक्षित किया जा रहा है.

अबतक करीब 23 लाख ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा चुका है ताकि वे अपने परिवार एवं अन्य ग्रामीणों तक कोविड-19 एवं टीकाकरण की जानकारी ससमय उपलब्ध कराकर संक्रमण के चेन को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका सकें.

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सावित्री के प्रयासों से 115 लोगों ने लिया टीका, गांव में जागरुकता की पहल

दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड के पटसार गांव की सावित्री देवी राधारानी आजीविका सखी मंडल की सदस्य हैं. सावित्री देवी के प्रयास से उनके गांव के 115 से भी ज्यादा लोगों ने कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण करवाया है.

सावित्री देवी के निरंतर प्रयास से उनके गांव के लोगो में जहां एक तरफ कोरोना वायरस को लेकर जागरुकता बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियां कम हुई हैं. सावित्री बताती हैं. मुझे जेएसएलपीएस की तरफ से गांव में कोविड-19 सम्बंधित जागरुकता का प्रसार करने का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ.

मैं पहले भी कम्युनिटी फैसिलिटेटर का कार्य कर गांव के लोगों तक सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़ी जानकारियां पहुंचाती थी. मैंने कोरोना वायरस से जुड़ी जानकारियां ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए घर-घर जाकर लोगों से बात की.

उन्हें अफवाहों से दूर रहने की सलाह देने के साथ-साथ मास्क आदि का उपयोग और आपस में उचित सामाजिक दूरी के पालन आदि की भी बात बतायी.

ग्रामीण इलाकों में अब भी कोविड-19 के टीकाकरण को लेकर बहुत सी भ्रान्तियां फैली हुई हैं. पहले तो लोग टीकाकरण से संबंधित बात सुनने को तैयार नहीं थे, लेकिन काफी प्रयास और समझाने के बाद अब वे खुद टीकाकरण के लिए आगे बढ़ रहे हैं.

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दवाई और जागरुकता के संग, जीतेंगे कोरोना से जंग

सावित्री जैसी लाखों महिलाएं आज कोविड-19 संक्रमण का प्रशिक्षण लेकर अपने परिवार एवं गांव तक हर जरूरी जानकारी पहुंचा रही हैं. कोविड की दूसरी लहर के दौरान बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गांवों को संक्रमण से बचाने के लिए सखी मंडल की दीदियों ने मोर्चा संभाल लिया है.

ग्रामीण विकास विभाग के तहत जेएसएलपीएस की टीम द्वारा लगातार सखी मंडल की दीदियों को कोविड-19 सम्बंधित जागरुकता प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिससे वे गांवों में लोगो को जागरूक कर सकें.

राज्य की सभी 32 लाख सखी मंडल की महिलाओं को इस जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वायरस से बचाव और टीकाकरण की जानकारी हर घर तक पहुंच सके एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण खतरनाक दौर में न पहुंचे.

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