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कोरोना वायरस: चीन पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक पर गौर करेंगे ट्रम्प, 14 राज्य चीन के खिलाफ खुलकर सामने आये

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Washington :  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह सीनेट में पेश उस विधेयक पर गौर करेंगे, जिसमें कहा गया है कि यदि चीन कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के पीछे की वजहों की पूरी जानकारी मुहैया नहीं कराता है और इसे काबू करने में सहयोग नहीं देता है, तो राष्ट्रपति को चीन पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए,

ट्रम्प ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं निश्चित ही इस पर (विधेयक) गौर करूंगा, इसमें चीन पर प्रतिबंध लगाने की बात की गई है, इसलिए मैं इसे निश्चित तौर पर पढूंगा, मैंने अभी यह पढ़ा नहीं है,’’

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‘कोविड-19 जवाबदेही अधिनियम’ विधेयक को सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया है और आठ अन्य सांसदों ने इसमें उनका साथ दिया है, इस विधेयक को मंगलवार को सीनेट में पेश किया गया.

इस विधेयक में कहा गया है कि राष्ट्रपति 60 दिन के भीतर कांग्रेस में यह प्रमाणित करेंगे कि चीन ने अमेरिका, उसके सहयोगियों या विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध संस्थाओं के नेतृत्व वाली कोविड-19 संबंधी जांच के लिए पूर्ण जानकारी मुहैया कराई है और उसने मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री करने वाले उन सभी बाजारों को बंद कर दिया था, जिनसे जानवरों से मनुष्यों में कोई संक्रमण फैलने का खतरा पैदा होता है.

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इसमें कहा गया है, यदि राष्ट्रपति इसे प्रमाणित नहीं करते हैं तो उन्हें चीन की सम्पत्तियां सील करने, यात्रा संबंधी प्रतिबंध लगाने, वीजा रद्द करने, अमेरिकी वित्तीय संस्थाओं को चीनी कारोबार को ऋण देने से रोकने और चीनी कंपनियों को अमेरिकी शेयर बाजार में सूचीबद्ध किए जाने पर रोक लगाने जैसे प्रतिबंध लागू करने का अधिकार होगा. ग्राहम ने कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि ‘चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी’ यदि चीजें नहीं छिपाती, तो वायरस अमेरिका में नहीं पहुंचता,’’ उन्होंने कहा, ‘‘चीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जांच के लिए वुहान प्रयोगशाला में जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, मुझे लगता है कि यदि चीन पर दबाव नहीं बनाया गया, तो वह जांच में कभी सहयोग नहीं करेगा’’.

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इसके अलावा सीनेटरों जिम इनहोफे, रोजर विकर, स्टीव डाइन्स, थॉम टिलिस, टॉड यंग, सिंडी हाइडे स्मिथ, माइक ब्रौन और रिक स्काट ने भी इस महामारी के लिए चीन को जवाबदेह ठहराए जाने पर जोर दिया.

सीनेट में यह विधेयक पेश होने के बाद प्रतिनिधि सभा के सदस्य डग कॉलिन्स ने बुधवार को ‘कोविड-19 जवाबदेही कानून’ विधेयक पेश किया, इसमें 24 से अधिक सांसदों ने उनका साथ दिया,

चीन ने कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी तथ्य छुपाने की बात से इनकार किया है और अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह वुहान प्रयोगशाला से वायरस पैदा होने की बात कहकर लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियांग ने पिछले महीने कहा था, ‘‘चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को कोविड-19 की सबसे पहले जानकारी दी, इसका यह अर्थ नहीं है कि कोरोना वायरस वुहान से पैदा हुआ … कभी कोई बात छुपाई नहीं गई है और हम कोई बात छुपाने की कभी अनुमति नहीं देंगे,’’

उल्लेखनीय है कि चीन के वुहान से फैले कोरोना वायरस संक्रमण से दुनिया भर में 3,00,000 लोगों की मौत हो चुकी है और 43 लाख से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं, इस वायरस से सबसे अधिक प्रभावित अमेरिका हुआ है, जहां इसके कारण 85,000 लोगों की मौत हो चुकी है.

ट्रम्प से 14 राज्यों ने क्या कहा है

अमेरिका में 14 राज्यों के रिपब्लिकन अटॉर्नी जनरलों ने देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बुधवार को कहा कि वह कोरोना वायरस वैश्विक महामारी फैलने के कारण हुए नुकसान के लिए राज्यों और संघ की साझेदारी की मदद से चीन की जवाबदेही तय करें.

राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र में कहा गया है, ‘‘चीन की साम्यवादी सरकार’’ सूचना मुहैया कराने में संभवत: असफल रही या फिर उसने गलत सूचना दी, जिसके कारण यह वायरस फैला.

पत्र में कहा गया है, ‘‘कोविड-19 फैलने से हमारे राज्यों को बहुत नुकसान हुआ है, इस वायरस के कारण हमारे कई नागरिकों की मौत हो गई है और वे इसके कारण प्रभावित हुए हैं, हमारी अर्थव्यवस्थाएं बंद हो गई हैं, बड़े और छोटे कारोबार इतनी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं कि उनमें से कई पुन: खुल भी नहीं पाएंगे,’’

फ्लोरिडा की अटॉर्नी जनरल एशले मूडी और दक्षिण कैरोलाइना के अटॉर्नी जनरल एलन विल्सन के नेतृत्व में अलास्का, अर्कांसस, जॉर्जिया, इंडियाना, कंसास, केंटुकी, लुइसियाना, मोंटाना, नेब्रास्का, ओकलाहामा, टेनेसी और पश्चिम वर्जीनिया ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए.

मूडी ने फोन पर बताया कि वह डेमोक्रेटिक पार्टी समेत और अटॉर्नी जनरलों को भी इस समूह में शामिल करना चाहती हैं ताकि चीन को इस महामारी के लिए जवाबदेह ठहराया जा सके.

चीन के वुहान शहर से दुनियाभर में फैले इस वायरस से अमेरिका में 83,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

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