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कोरोना वायरस : तो अप्रूवल मिलते ही ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन दिसंबर से बाजार में हो सकती है उपलब्ध

ऑक्‍सफर्ड-एस्‍ट्राजेनेका की वैक्‍सीन (Oxford AstraZeneca Covid vaccine) के फेज 3 ट्रायल में 70 फीसदी से ज्‍यादा असरदार होने की खबर है.

NewDelhi : कोरोना वायरस वैक्‍सीन का इंतजार पूरी दुनिया को है. यदि आपको भी है तो यह खबर पढ़ लें. भारत में कोविशील्‍ड नाम का टीका जनवरी तक उपलब्‍ध हो सकता है.  इस संबंध में ऑक्‍सफर्ड-एस्‍ट्राजेनेका की वैक्‍सीन (Oxford AstraZeneca Covid vaccine) के फेज 3 ट्रायल में 70 फीसदी से ज्‍यादा असरदार होने की खबर है.

बता दें कि सोमवार को जारी अंतरिम एनालिसिस के अनुसार दो तरह की डोज के आंकड़े एक साथ रखने पर वैक्‍सीन की प्रभावोत्‍पादकता 70.4% रही है. रिसर्चर्स के अनुसार अलग-अलग करने पर वैक्‍सीन 90% तक असरदार मिली.

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वैक्‍सीन सेफ साबित हुई है

जानकारी के अनुसार वैक्‍सीन ज्‍यादा असरदार तब रही, जब पहली डोज हल्‍की और दूसरी सामान्‍य रखी गयी.  शुरुआती संकेत मिले हैं कि यह वैक्‍सीन वायरस ट्रांसमिशन को कम कर सकती है. वैक्‍सीन सेफ साबित हुई है. क्योंकि किसी वालंटियर को अस्‍पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं आन पड़ी.

खबर है कि वैक्‍सीन के अंतरिम एनालिसिस के लिए यूनाइटेड किंगडम, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में 24,000 से ज्‍यादा वॉलंटियर्स का डेटाबेस इस्तेमाल किया गया. वैक्‍सीन आसानी से वर्तमान हेल्‍थकेयर सिस्‍टम के तहत बांटी जा सकती है. इसे महज 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर स्‍टोर किये जाने की जरूरत होगी. जान लें कि एक बयान में ऑक्‍सफर्ड ने कहा है कि 10 से ज्‍यादा देशों में वैक्‍सीन का उत्‍पादन जारी है.

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असरदार वैक्‍सीन कई जिंदगियां बचा सकती है

ऑक्‍सफर्ड वैक्‍सीन ग्रुप के डायरेक्‍टर और इस ट्रायल के चीफ इनवेस्टिगेटर प्रोफेसर एंड्रयू पोलार्ड के अनुसार  एक असरदार वैक्‍सीन कई जिंदगियां बचा सकती है. उनकी मानें तो डोज के चार पैटर्न्‍स में से एक में वैक्‍सीन 90% तक असरदार रही और अगर हम वही पैटर्न अपनायें तो कई लोगों को वैक्‍सीन दी जा सकती है, ट्रायल में सामने आया कि अगर वैक्‍सीन की पहली डोज आधी दी जाये और दूसरी डोज पूरी दी जाये, तो यह 90% तक असर करती है.

सूत्रों के अनुसार ऑक्‍सफर्ड और एस्‍ट्राजेनेका मिलकर अब वैक्‍सीन का यह अंतरिम एनालिसिस यूके में ड्रग रेगुलेटर के सामने प्रस्तुत करेंगे. अगर वैक्‍सीन को इमर्जेंसी अप्रूवल मिलेगा, तो दिसंबर से यह वैक्‍सीन बाजार में उपलब्‍ध हो सकती है.

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सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की एस्‍ट्राजेनेका से वैक्‍सीन की 100 करोड़ डोज की डील

जान लें कि यूके में इमर्जेंसी अप्रूवल पर भारतीय कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की भी नजर होगी. उसकी एस्‍ट्राजेनेका से वैक्‍सीन की 100 करोड़ डोज की डील है. अगर यूके में इमर्जेंसी अप्रूवल मिलता है तो कंपनी भारत में भी वैक्‍सीन के उसी डेटा के आधार पर इमर्जेंसी अप्रूवल के लिए अप्‍लाई कर सकती है. अगर ऐसा होता है तो भारत में कोविशील्‍ड नाम से यह टीका जनवरी तक उपलब्‍ध हो सकता है.

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