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#Delhi में कोरोना वायरस ने ली नवजात की जान, देश में संक्रमितों का आंकड़ा 17,000 के पार, 543 की मौत

New Delhi: देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार पर ब्रेक नहीं लग रहा है. वहीं दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण ने रविवार को डेढ़ महीने के एक बच्चे की जान ले ली. देश में कोविड-19 से मरने वाला यह संभवत: सबसे कम उम्र का मरीज है.

वही पिछले 24 घंटे में 1553 नये केस सामने आये. जबकि 36 लोगों की जान चली गयी. देश में संक्रमितों की संख्या 17265 हो गयी है.

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दिल्ली में नवजात की मौत

नवजात की मौत लेडी हार्डिंग अस्पताल से संबद्ध कलावती सरन बाल चिकित्सालय में हुई है. अस्पताल के एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘बच्चे को कुछ दिन पहले अस्पताल लाया गया था. उसके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई. बच्चे को एसएआरआइ वार्ड में भर्ती कराया गया  जहां उसकी मौत हो गई.’

उन्होंने बताया कि बच्चे के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान की जा रही है. सिर्फ दिल्ली ही नहीं, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी महज 12 दिन की एक बच्ची कोरोना वायरस से संक्रमित हुई है.

वहीं, सरकार द्वारा एंडीबॉडी जांच की दर बढ़ाए जाने के बाद लगातार छठे दिन कोरोना वायरस संक्रमण के 1000 से ज्यादा नए मामले सामने आए.

17 हजार के पार संक्रमितों की संख्या

देश में एक दिन में संक्रमण के 1,712 नए मामले आने के साथ संक्रमित लोगों की संख्या 17,000 के पार पहुंच चुका है.

राज्यों से पीटीआई भाषा को प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण से 565 लोगों की मौत हुई है, जबकि 17029 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है.

देश में महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 1,000 के पार पहुंच गयी है.

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महाराष्ट्र में आंकड़ा 4000 से अधिक

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 552 नए मामले आने के साथ ही राज्य में संक्रमित लोगों की संख्या 4,200 पहुंच गयी है. उन्होंने कहा, सघन जांच, संपर्क में आए लोगों का पता लगाना आदि के कारण इतनी बड़ी संख्या में लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हो रही है.

गुजरात में स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटे में राज्य में संक्रमण के 367 नए मामले आए हैं. राज्य में अभी तक 1,743 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

भोपाल में रविवार को 12 दिन की बच्ची के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई. राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह संभवत: मध्यप्रदेश की सबसे कम उम्र की कोविड-19 मरीज है.

नवजात के पिता ने बताया कि बच्ची को संभवत: संक्रमण उसके जन्म के समय ड्यूटी पर मौजूद महिला स्वास्थ्य कर्मचारी से हुआ होगा, क्योंकि कर्मचारी की जांच रिपोर्ट बाद में पॉजिटिव आयी थी.

भोपाल के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉक्टर प्रभाकर तिवारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआइ को बताया, ‘नवजात और उसकी मां, दोनों के कोरोना वायरस से संक्रमित हाने की पुष्टि रविवार को हुई.’

तमिलनाडु में एक सप्ताह के अंतराल के बाद रविवार को कोविड-19 के 100 से अधिक मामले सामने आये. इससे संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1477 हो गए. इस बीच प्राधिकारियों ने चीन से रैपिड टेस्ट किट से जांच बढ़ा दी है. वहीं राज्य के एक निजी अस्पताल में 55 वर्षीय एक न्यूरोसर्जन की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हो गई है.

एक सरकारी बुलेटिन में कहा गया कि 105 से अधिक व्यक्ति संक्रमित हुए हैं जिसमें दो पत्रकार और एक उपनिरीक्षक शामिल हैं. इस बीच 46 लोगों को संक्रमण मुक्त होने के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है. उसमें कहा गया कि अभी तक कुल 1477 मामले सामने आये हैं जबकि वर्तमान समय में 1048 लोगों का इलाज चल रहा है.

54 जिलों में 14 दिनों में कोई केस नहीं

स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि पुडुचेरी के माहे और कर्नाटक के कोदागु जिले में 28 दिनों से संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है. वहीं, 23 राज्यों से 54 जिले ऐसे भी हैं, जिनमें 14 दिन से संक्रमण के एक भी मामले की पुष्टि नहीं हुयी है.

उन्होंने कहा कि इस श्रेणी में बिहार का गया, उत्तर प्रदेश का बरेली और हरियाणा के हिसार जिले सहित 10 नये जिले शामिल हुये हैं.

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संकट के दौर में आचरण में एकता को प्राथमिकता दें- पीएम

संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोविड-19 महामारी सभी को समान रूप से प्रभावित करती है और किसी को निशाना बनाने से पहले कोई जाति, धर्म, पंथ, रंग, भाषा या सीमा को नहीं देखती. उन्होंने कहा, ‘ऐसे में हमारी प्रतिक्रिया और आचरण में एकता एवं भाइचारे को प्राथमिकता देनी चाहिए.’ उन्होंने कहा कि ऐसे में इस लड़ाई में हम सभी साथ हैं .

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संकट ने कितना कुछ बदल दिया है. किसी ने जैसा सोचा नहीं होगा, वैसी परिस्थितियां पैदा हो गई हैं.

लिंक्डइन पर अपने लेख ‘कोविड-19 के समय में जीवन’ में प्रधानमंत्री ने लिखा कि (अंग्रेजी वर्णमाला के) पांच स्वर अक्षरों ‘ए, ई, आई, ओ और यू’ पर आधारित क्रमशः एडेप्टेबिलिटी (अनुकूलता), इफिशिएंसी (दक्षता), इन्क्लूसिविटी (समावेशिता), अपार्च्युनिटी (अवसर) और यूनिवर्सलिज्म (सार्वभौमिकता) के जरिए नए कारोबार और कार्य संस्कृति को आगे बढ़ाना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं इन स्वर अक्षरों का ‘न्यू नॉर्मल’ कहता हूं क्योंकि अंग्रेजी भाषा में स्वर अक्षरों की तरह ही ये भी कोविड-19 के बाद की दुनिया के नए कारोबारी मॉडल के अनिवार्य अंग बन जाएंगे.’’

जमात और विदेशों से आये लोगों से दिल्ली ज्यादा प्रभावित- केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑनलाइन प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पिछले महीने यहां निजामुद्दीन में हुए तबलीगी जमात के कार्यक्रम और विभिन्न देशों से बड़ी संख्या में यात्रियों के यहां आने को वायरस के प्रसार का कारण बताया.

उन्होंने कहा, “दिल्ली इन दिनों मुश्किल जंग लड़ रही है. देश की राष्ट्रीय राजधानी होने के कारण, विभिन्न देशों से बड़ी संख्या में लोग यहां आए. दिल्ली को अन्य देशों से आने वाले अधिकतर यात्रियों का दंश झेलना पड़ा. दिल्ली को निजामुद्दीन मरकज में हुए कार्यक्रम का भी परिणाम भुगतना पड़ा है.”

केजरीवाल ने विदेश से आए लोगों के संदर्भ में कहा, ‘‘सबसे ज्यादा मार दिल्ली को झेलनी पड़ी.’’

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कम से कम एक सप्ताह तक लॉकडाउन में कोई छूट नहीं देगी क्योंकि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण तेजी से फैल रहा है.

हालांकि, केजरीवाल ने लोगों को आश्वासन दिया कि स्थिति नियंत्रण में है और सरकार एक हफ्ते बाद फिर से स्थिति का आकलन करेगी और देखेगी कि क्या छूट दी जा सकती है.

दिल्ली सरकार ने त्वरित प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी) जांच किट मिलते ही शहर में अत्यधिक संक्रमण की वजह से घोषित कंटेनमेंट जोन (निषिद्ध इलाकों) में लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण की जांच शुरू कर दी.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को बताया कि सरकार को ऐसी 42 हजार किट मिले हैं.

उल्लेखनीय है कि कोविड-19 के मामले आने के बाद दिल्ली के 78 स्थानों को निषिद्ध स्थान के रूप में चिह्नित किया गया है. एंटीबॉडी जांच अपेक्षाकृत सस्ती है और इसमें मात्र 20 से 30 मिनट का समय लगता है.

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