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CORONA UPDATE : झारखंड में टेस्टिंग की धीमी पड़ी रफ्तार, कहीं इसलिए तो कम नहीं आ रहे कोरोना के नये केस

Ranchi : झारखंड में भले ही कोरोना का कहर कम हो गया हो, लेकिन देश में अब भी कोरोना के नये मामले सामने आ रहे हैं. कुछ दिनों में नये मामलों में बढ़ोतरी भी हुई है. लेकिन झारखंड में अचानक से कोरोना संक्रमण के मामले काफी कम हो गये हैं. पिछले महीने जहां एक-एक दिन में 70 हजार सैंपल की टेस्टिंग की जा रही थी वह अब 36 हजार हो गयी है. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि टेस्टिंग की रफ्तार धीमी पड़ी है. झारखंड में कोरोना के नये मामलों के कम आने के पीछे एक वजह यह भी हो सकती है.

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रैपिड एंटीजेन टेस्टिंग किट की कमी

डिमांड के हिसाब से झारखंड में रैपिड एंटीजेन टेस्टिंग किट की सप्लाई नहीं हो पा रही है. इस वजह से झारखंड के कई स्टेशन पर तो रैट टेस्ट बंद है.

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दिखावे के लिए आरटीपीसीआर के कुछ सैंपल कलेक्ट कर टेस्ट के लिए भेज दिये जा रहे हैं. वहीं एयरपोर्ट पर भी अब ज्यादा टेस्ट नहीं किये जा रहे हैं. बस स्टैंड पर तो टेस्टिंग के नाम पर आईवॉश हो रहा है.

घूम-घूम कर करना था सैंपल कलेक्शन

हेल्थ डिपार्टमेंट से करार के तहत जेआइटीएम को राज्य में 12 मोबाइल आरटीपीसीआर टेस्टिंग लेबोरेटरी का संचालन करना था. टेस्टिंग लेबोरेटरी को पॉजिटिविटी रेट और पॉपुलेशन डेंसिटी के आधार पर रांची के अलावा अन्य पांच जिलों के मुख्यालय के 25 किलोमीटर के दायरे में कोरोना सस्पेक्टेड का सैंपल घूम-घूम कर सैंपल कलेक्ट कर 24 घंटे में रिपोर्ट देनी थी.

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इसके लिए 390 रुपये का भुगतान भी सरकार कर रही है. लेकिन यह वैन सिविल सर्जन आफिस के बगल में पार्क कर दी गयी है. अब पूरे जिले से कलेक्ट कर उसमें सैपल टेस्ट किया जा रहा है. जबकि इस वैन को हर इलाके में घूमना था.

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रांची के सिविल सर्जन डॉ विनोद कुमार ने इस मामले में कहा कि हमें रैपिड एंटीजेन टेस्ट किट कम मिल रहे हैं. राज्यभर में इसकी सप्लाई कम हो रही है. कल भी हमें 10 हजार किट मिले थे.

आज के बारे में कोई जानकारी नहीं है. लेकिन किट की वजह से जांच प्रभावित हुई है. आरटीपीसीआर सैंपल कलेक्ट कर टेस्ट के लिए भेजा जा रहा है जिसमें टाइम लग रहा है. वैन में टेस्टिंग हो रही है लेकिन कहीं भेजा नहीं जा रहा.

वहीं इस मामले में आइडीएसपी के इंचार्ज डॉ वीबी प्रसाद ने कहा कि टेस्टिंग तो कम हुई है. लेकिन इससे यह नहीं कहा जा सकता कि कम टेस्टिंग की वजह से नये मामले नहीं आ रहे हैं.

केस कम हैं इससे कांटैक्ट ट्रेसिंग भी कम हुई है. किट की जो डिमांड है उसके हिसाब से सप्लाई कम है. आरटीपीसीआर सैंपल लिये जा रहे हैं. वैन के बारे में मुझे जानकारी नहीं है.

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