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Corona Update : केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा- वैक्सीन की कमी नहीं, बेहतर प्लानिंग नहीं होने के कारण समस्या

अभी वैक्सीन के डोज 1,67,20,000, अप्रैल के अंत तक 2,01,22,960 उपलब्ध हो जायेंगी

New Delhi : देश में कोराना संक्रमण की दूसरी लहर में संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. वहीं कोराना से बचाव के लिए वैक्सिनेशन का अभियान भी चल रहा है. टीकाकरण अभियान को लेकर कई राज्यों में वैक्सीन की कमी की शिकायतें मिल रही हैं. कई राज्य के मुख्यमंत्रियों ने बकायदा इस मामले में बयान भी दिये हैं.

वहीं इस मामले में केंद्र सरकार ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट की है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को जानकारी दी है.

उन्होंने कहा कि आज 11 बजे तक मिली जानकारी के अनुसार अभी तक इस्तेमाल नहीं किये गये वैक्सीन के डोज की संख्या 1,67,20,000 है. वहीं अप्रैल के अंत तक 2,01,22,960 उपलब्ध हो जायेंगी. उन्होंने कहा कि वैक्सीन की कमी समस्या नहीं है बल्कि बेहतर प्लानिंग की समस्या है.

विदेशी टीकों को अब झटपट अनुमति

वहीं दूसरी तरफ भारत सरकार ने देश में कोरोना वैक्सीन की संख्या बढ़ाने के लिए विदेशी टीकों को झटपट अनुमति देने की नीति अपनाई है. केंद्र ने आज कहा कि उन विदेशी कोविड वैक्सीन को भारत में आपातकालीन उपयोग की मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी जिनका विदेशों में इस्तेमाल किया जा रहा है.

ध्यान रहे कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने रूस में विकसित COVID-19 वैक्सीन स्पुतनिक V के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दे दी है. एक्सपर्ट कमिटी ने सोमवार को ही स्पूतनिक वी को भारत में आपात उपयोग की मंजूरी देने की सिफारिश की थी.

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जल्द लगने लगेगी स्पूतनिक V की डोज

एक्सपर्ट्स की मानें तो इमर्जेंसी यूज की मंजूरी मिलने के बाद हफ्ते-डेढ़ हफ्ते के अंदर वैक्सीन डोज आम लोगों को लिए उपलब्ध हो जाती है. उनका कहना है कि अगर कुछ बड़ी बाधा नहीं हो तो मंजूर के 10 दिनों के अंदर ही वैक्सीन की खुराक दी जा सकती है.

अभी देश में भारत बायोटेक (Bharath Biotech) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के संयुक्त प्रयासों से विकसित कोवैक्सीन (Covaxin) के अलावा ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) और एस्ट्राजेनेका (Astrazeneca) की तरफ से विकसित कोविशील्ड (Covishield) की डोज दी जा रही है.

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देश में करीब 11 करोड़ लोगों को लग चुका है टीका

कोविशील्ड का उत्पादन भारतीय कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ही कर रही है. कोवैक्सीन और कोविशील्ड, दोनों वैक्सीन दो खुराकों वाली है. इनकी पहली डोज लेने के कम-से-कम चार हफ्ते बाद दूसरी डोज दिए जाने का नियम है. भारत में अब तक कुल 10,85,33,085 लोगों को कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाई जा चुकी है.

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