Corona_UpdatesJharkhandRanchi

कोरोना ने बिगाड़ी हॉस्टल व लॉज संचालकों की हालत, बिजनेस समेटने की तैयारी

Ranchi : झारखंड में कोरोना का कहर पिछले साल मार्च से जारी है. 16 महीने बीत जाने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है. कुछ महीने के लिए सबकुछ नार्मल हो गया था. इस बीच हॉस्टल-लॉज में भी रौनक लौटने लगी थी. लेकिन सेकेंड वेव के कहर ने सबकुछ लॉक कर दिया. वहीं हॉस्टल और लॉज खाली होने लगे.

आज स्थिति यह है कि संचालकों के पास जमा पूंजी खर्च करने के अलावा कोई चारा ही नहीं है. वहीं हॉस्टल लॉज की हालत भी बिगड़ती जा रही है. जिसका मेंटेनेंस तो दूर महीनों से ताला भी नहीं खुला है. ऐसे में कई संचालकों ने तो अब हॉस्टल लॉज का बिजनेस समेटने का मन बना लिया है. चूंकि न तो उन्हें बैंक से राहत मिली है और न ही नगर निगम ने टैक्स में राहत दी है.

इसे भी पढ़ें : लूट की मोटरसाइकिल के साथ चार अपराधी गिरफ्तार, एक एयर पिस्टल और चार मोबाइल जब्त

एसोसिएशन ने की टैक्स माफ करने की मांग

बताते चलें कि राजधानी में एक हजार हॉस्टल लॉज का संचालन होता है. रांची एजुकेशन हब बन चुका है. जिससे कि स्टूडेंट्स भी काफी संख्या में पढ़ाई के लिए आते है. लेकिन पिछले एक साल से अधिक समय से सबकुछ बंद है. स्टूडेंट्स के नहीं आने के कारण संचालकों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. बैंक लोन से लेकर निगम का होल्डिंग टैक्स भी चुकाने की चिंता सता रही है. ऐसे में हॉस्टल और लॉज एसोसिएशन ने नगर निगम से लॉकडाउन पीरिएड का होल्डिंग टैक्स माफ करने की मांग की है. वहीं वेस्ट यूजर चार्ज नहीं लेने को लेकर गुहार लगाई है. इतना ही नहीं लाइसेंस रिन्युअल में भी एक्सटेंशन देने की मांग की है. जिससे कि लॉकडाउन की मार का थोड़ा कम असर पड़े.

advt

इसे भी पढ़ें : राज्य में रिकवरी 98% से ज़्यादा, पर ख़तरा अभी टला नहीं, सतर्क रहें: मुख्यमंत्री

ओनर्स के सामने है चुनौती

रोशन कुमार हॉस्टल के ओनर है. उनका कहना है कि एक साल से अधिक समय से हॉस्टल पूरी तरह से बंद है. स्टूडेंट्स आ नहीं रहे है तो खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है. बैंक का लोन और रांची नगर निगम का टैक्स तो भरना ही है. अगर निगम होल्डिंग टैक्स और लाइसेंस रिन्युअल में राहत दे तो अच्छा होगा. चूंकि स्टाफ को भी हम आधा पेमेंट दे रहे है. ऐसी पैंडेमिक स्थिति में उन्हें हटा भी नहीं सकते.

बिट्टू एसआर के भी तीन हॉस्टल रांची में चल रहे है. उन्होंने बताया कि स्टाफ लॉकडाउन होते ही घर चले गए है. स्टूडेंट्स भी 1-2 लोग फोन करते है तो उन्हें बुलाने से कोई फायदा नहीं है. पूरे सालभर से स्थिति काफी खराब है. इनकम है नहीं और खर्च देना पड़ रहा है. निगम भी टैक्स जमा कराने के लिए रिमाइंडर भेज चुका है. जबतक स्थिति सामान्य नहीं होगी तो अपना खर्च भी निकालना मुश्किल है. इसपर निगम को विचार करने की जरूरत है. वहीं लाइसेंस का भी एक्सटेंशन दिया जाए.

इसे भी पढ़ें :BIG NEWS : केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन को लेकर किया गया बड़ा बदलाव, रखी गई हैं ये शर्तें

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: