BusinessNational

#Corona – आर्थिक संकट पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने माना, किसी सरकार के पास नहीं है कोई आईडिया

विज्ञापन

New Delhi: आखिरकार देश के वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यह मान लिया है कि कोरोना संकट से उपजी आर्थिक बदहाली व तंगी से निपटने के लिये केंद्र सरकार के पास कोई आईडिया नहीं है. उनका कहना है कि किसी भी राज्य सरकार या दुनिया के किसी भी देश के पास कोई आईडिया नहीं है.

निर्मला सीतारमण ने यह स्वीकारोक्ति अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस और द मिंट को दिये अलग-अलग इंटरव्यू में की है. उन्होंंने कहाः मैं इस स्टेज पर ईमानदारी से स्वीकार कर रही हूं कि मुझे नहीं लगता कि किसी भी सरकार के पास कोई आइडिया है. न राज्य सरकारों के पास, न केंद्र के पास और ना ही विदेशों में. 

वित्तमंत्री ने यह बात ऐसे मौके पर कही है जब केंद्र की 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज पर तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं. अधिकांश एजेंसी ने इसे जीडीपी का 10 प्रतिशत के बजाय 1 प्रतिशत माना है. वित्तमंत्री ने इस आकलनों पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इंकार किया.

advt

लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गयी है. लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. इससे जो सबसे ज्यादा परेशान हुए हैं वो प्रवासी मजदूर हैं. इनके पास लॉकडाउन की वजह से न तो काम बचा है और न ही पैसे.

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की गयी थी. जिसको बाद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार पांच दिनों तक प्रेस कांफ्रेंस करके पांच किस्तों में राहत पैकेज की विस्तृत जानकारी दी.

इसे भी पढ़ें- #CoronaUpdate: Delhi में एक दिन में रिकॉर्ड 534 नये केस, संक्रमितों की संख्या 11 हजार के पार

और भी ऐलान किये जाने की संभावना: वित्त मंत्री 

इंटरव्यू में कोरोना संकट के बीच 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़े ऐलान करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने और ऐलान किये जाने की संभावना को खारिज नहीं किया है.

सीतारमण ने अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि ”मुझे (आगे बढ़ने के लिए) तैयार रहना होगा. क्योंकि कोई नहीं जानता कि यह सब कैसे खत्म होने वाला है. ऐसे में जाहिर तौर पर, मैं अपनी कहानी को हालिया ऐलानों के साथ ही खत्म नहीं कर सकती.

जब सीतारमण से पूछा गया कि इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था के संकुचन पर कई अनुमान लगाये गये हैं, वित्त मंत्रालय और उसकी इकनॉमिक डिवीजन का क्या आकलन क्या है? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि मेरे लिए यह (आकलन करना) जल्दबाजी होगी. अनुमान लगाते हुए भी यह कहना मेरे लिए समझदारी की बात नहीं होगी कि अर्थव्यवस्था कहां जा रही है. नहीं, अभी नहीं कह सकती. इसके बजाए मुझे अपने आपको खुला रखना होगा और देखना होगा कि चीजें कैसे जा रही हैं और थोड़े वक्त बाद आकलन करना होगा.

इसे भी पढ़ें- #SuperCyclone अम्फान से बंगाल में 10-12 लोगों की मौत का अनुमान, ओडिशा में गयी 3 की जान

किसी भी सरकार के पास कोई आइडिया नहीं

कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घर लौटे हैं. ऐसे में मनरेगा के तहत काम की मांग बढ़ेगी. तो क्या इस मांग को पूरा करने के लिए 40,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का आवंटन पर्याप्त होगा? इस सवाल के जवाब में सीतारमण ने कहा कि हम सबको इस बात की चिंता करनी होगी कि क्या पर्याप्त होने जा रहा है. इस बारे में सवाल करना बिल्कुल सही है और यह मेरी चिंता भी है. क्या पर्याप्त होने जा रहा है, भले ही मुझे पता हो, फिर भी समस्या की जटिलता को सरल नहीं किया जाए. 

उन्होंने कहा कि मैं इस स्टेज पर ईमानदारी से स्वीकार कर रही हूं कि मुझे नहीं लगता कि किसी भी सरकार के पास कोई आइडिया है. न राज्य सरकारों के पास, न केंद्र के पास और ना ही विदेशों में.

इसे भी पढ़ें- #CoronaOutbreak: बिहार में कोरोना के 96 नये केस, कुल मरीजों की संख्या हुई 1675

मजदूरों के घर लौटने से अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर

आर्थिक पैकेज को लेकर किये गये ऐलानों के बाद मिंट को दिए इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने कॉर्पोरेट सेक्टर की समस्याओं से निपटने के लिए पर्याप्त कदम उठाये हैं. इस इंटरव्यू में भी उन्होंने इस बात की संभावना को खारिज नहीं किया कि जरूरत पड़ने पर सरकार कारोबारों की मदद के लिए और कदम उठाएगी.

वित्त मंत्री ने माना कि प्रवासी मजदूरों के घर लौटने की वजह से आर्थिक विकास पर असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि मैं विकास में (तुलनात्मक रूप से) वृद्धि की उम्मीद कर रही हूं, लेकिन यह धीरे-धीरे हो सकता है क्योंकि श्रम घटक एक ऐसी चीज है जिसे लेकर इंडस्ट्री या तो स्थानीय श्रमिकों पर ज्यादा निर्भरता बढ़ाकर, उनको स्किल्स देकर या फिर घर लौटे कामगारों का इंतजार करके खुद को फिर से तैयार कर रही हैं.

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
Close