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IIM अहमदाबाद के LOGO से संस्कृत शब्द हटाने की बात पर हुआ विवाद, संस्थान ने की स्थिति स्पष्ट

Ahmedabad : इंडियन इंस्टीाट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद यानी आईआईएम-अहमदाबाद (IIM-Ahmedabad) के लोगो में बदलाव का मुद्दा इन दिनों सुर्खियों में है. दरअसल इस लोगो से संस्कृMत का शब्द हटाने को लेकर बात सामने आई है. यह शब्द है ‘विधिविनियोगाद्विकास:’. ऐसे में लोग इस कदम का विरोध कर रहे हैं. अब इस मामले में आईआईएम अहमदाबाद के मैनेजमेंट ने बयान जारी करके सफाई दी है.

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संस्थान ने दी जानकारी

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आईआईएम अहमदाबाद ने अपने बयान में कहा है, ‘संस्थाफन को अपनी वेबसाइट अपडेट करने के लिए लोगो में बदलाव की जरूरत महसूस हुई है. जब इसके अंतिम डिजाइन पर काम किया गया तब मूल्यांंकन, पर्यवेक्षण, डेवलपमेंट ऑफ वर्डमार्क और डेवलपमेंट ऑफ ब्रांडमार्क को ध्या न में रखा गया. नया प्रस्ता्वित लोगो असल लोगो की परंपरा को जारी रखेगा. नए लोगों में संस्कृात शब्दय को रखा जाएगा. इसमें रंगों को संवारा जा रहा है.

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फॉन्टम नए किए जा रहे हैं. इसमें जालीनुमा ब्रांड मार्क को डिजिटल मीडिया में कम्यूसनिकेशन को लेकर सहज किया जाएगा. नया लोगो जून में रिलीज करना प्रस्तासवित है.’

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डॉ. विक्रम साराभाई ने की थी संस्थान की स्थापना

पहले यह जानकारी सामने आई थी कि आईआईएम अहमदाबाद के लोगो में से संस्कृतत के शब्दा और जाली को हटाया जाएगा. ये लोगो ट्री ऑफ लाइफ के आधार पर बनाया गया था. आईआईएम अहमदाबाद की स्थाईपना 1961 में डॉ. विक्रम साराभाई ने की थी. यह लोगों संस्था न को उन्हींम ने समर्पित किया था. ऐसे में लोगों का मानना है कि इससे छेड़छाड़ ना की जाए.

वहीं आईआईएम-ए के 45 टीचर्स ने 8 मार्च को संस्थान के बोर्ड ऑफ गर्वनर्स के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिरला व निदेशक को पत्र लिखकर इसका विरोध किया था.

सूत्रों का कहना था कि 4 मार्च को हुई संस्थान की फैकल्टी काउंसिल की बैठक में सदस्यों को जानकारी दी गई थी कि संस्थान के बोर्ड ऑफ गर्वनर्स ने संस्थान का लोगो में बदलाव करने का फैसला लिया है. दो नए लोगो को मंजूरी दी थी. इन्हें रजिस्टकर भी कराए जाने की बात सामने आ चुकी है.

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