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कंप्यूटर पर लगातार काम करना आपको कर सकता है बीमार, बरतें ये सावधानियां

News Wing Desk: अगर आप लंबे समय तक कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करते हैं, तो आपको सावधान रहने की जरुरत है. क्योंकि काफी देर तक बैठकर काम करने से आप सिरदर्द, कमर दर्द, गर्दन दर्द से परेशान हो सकते हैं?

साथ ही आंखें लाल होना या आंखों में पानी से भर जाना जैसी समस्याएं हो सकती है. और ये आने वाली बड़ी समस्या का यह एक छोटा सा हिस्सा भर है.

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बिगड़ जाता है बॉडी पॉश्चर

डॉक्टरों की मानें तो कंप्यूटर पर ज्यादा देर तक काम करने से शरीर का पॉश्चर बिगड़ जाता है. कीबोर्ड पर लगातार उंगलियों के चलते रहने से उसे आराम नहीं मिलता, जिससे दर्द होता है.

ऑर्थोपेडिक की मानें तो देर तक गलत पॉश्चर में काम करने से नस और हड्डी से जुड़ी समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं. कहा जाता है कि हमारे जोड़ों के लिए ‘मोशन’ ‘लोशन’ का काम करता है.

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फिजिकल ऐक्टिविटी से शरीर में लिक्विड चीजों का प्रवाह बना रहता है, जिससे कार्टिलेज स्वस्थ रहते हैं और हड्डियां भी मजबूत होती. वहीं गलत पॉश्चर में हर दिन 4 घंटे से अधिक बैठने से जोड़ धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं और दर्द होना शुरू हो जाता है.

आंखों पर आता है तनाव

रेगुलर कंप्यूटर पर काम करने से आंखों में चुभन महसूस होती है और थोड़ा धुंधला दिखाई देने लगता है. इसे आंखों पर तनाव आना भी कहते हैं. गलत ढंग से काम करने से आंखों पर तनाव पड़ने की समस्या आ जाती है.

दरअसल, आंखों की ये समस्या लगातार कंप्यूटर स्क्रीन देखने की वजह से और गलत तरीके से बार-बार एक ही दिशा में देखने से होती है. जिससे आंखों पर स्ट्रेन बढ़ जाता है. और आंखों में जलन, चुभन महसूस होती है.

आंखें सूखी लगना, खुजली होना और उनमें भारीपन, पास की चीजों को देखने में तकलीफ होना, रंगों का साफ दिखाई न देना, एक चीज़ का दो दिखाई देना, ये सब परेशानी गलत तरीके से कंप्यूटर पर काम करने से होने वाली बीमारी के लक्षण हैं.

लगातार कंप्यूटर स्क्रीन पर नजरें गड़ाये रहने से आंखों की नमी पर बुरा प्रभाव पड़ता है. इससे आंखों की नमी कम हो जाती है. इस नमी बनाये रखने के लिए बार-बार पलक झपकाना जरूरी है.

बरतें ये सावधानियां

– मॉनिटर के ब्राइटनेस को कम करने से विज़न सिंड्रोम से परेशान लोगों को राहत मिलती है. कंप्यूटर से बिल्कुल सटकर न बैठें. काम करते वक्त सीधी मुद्रा में बैठें.

– हर 30 मिनट में 10 सेकेंड के लिए कंप्यूटर से नजरें हटा लेना भी फायदेमंद है. चाहे तो आंखों को आराम देने के लिए ब्रेक में कुछ और काम कर सकते हैं. हर एक घंटे पर आंखों को 5-10 मिनट तक मूंद कर रखने से आंसू की परत फिर से तैयार हो जाए.

– डेस्कटॉप पर काम करते वक्त, ध्यान रखना चाहिये कि कलाई सीधी रहे, क्योंकि कलाई को मोड़ कर रखने से नस के लिए कम जगह बचती है और उन पर दबाव पड़ता है. कोहनी को 90 डिग्री पर रखना उचित है.

– मॉनिटर, मॉउस और वह पेपर डाक्यूमेंट जिससे आप कॉपी कर रहे हैं यदि सही पोजिशन में रहें तो गर्दन और कंधे के दर्द या अकड़न में कमी आ सकती है.

-कंप्यूटर पर टाइप करने के दौरान कंधे और कान के बीच फोन दबा कर बात करने से भी गर्दन और कंधे का दर्द बढ़ता है.

– ध्यान रखें कि कंप्यूटर पर काम करने के लिए आप जिस कुर्सी का इस्तेमाल कर रहे हैं, वो इतनी ऊंची हो कि आप पैर को यूं फर्श पर रखें कि आपके घुटने 90 डिग्री के ऐंगल पर हों. साथ ही टाइपिंग के वक्त आपकी बांहें भी 90 डिग्री की एंगल बनाए.

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