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डीवीसी की जनसुनवाई: उपभोक्ताओं ने कहा- टैरिफ पिटिशन में सही जानकारी नहीं दी गयी, केंद्रीय आयोग के निर्देश मानें

Ranchi. दामोदर घाटी कारॅपोरेशन के बिजली दरों के लिये जनसुनवाई सोमवार को की गयी. राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से यह जनसुनवाई वर्चुअल माध्यम से की गई. इस साल डीवीसी की ओर से डेढ़ से दो प्रतिशत बिजली दरों में वृद्धि करने का प्रस्ताव आयोग को भेजा गया है.

डीवीसी की ओर से जानकारी दी गयी कि जेबीवीएनएल से कम दामों में डीवीसी अपने आपूर्ति क्षेत्र में बिजली दे रही है. जहां जेबीवीएनएल साल 2019-20 में 6.73 रूपये प्रति यूनिट बिजली दे रही है. वहीं डीवीसी 4.93 रूपये प्रति यूनिट बिजली दे रही है. इसके साथ ही इस साल के प्रस्तावित राशि और वित्तिय स्थिति का ब्यौरा दिया गया.

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बता दें डीवीसी राज्य के सात जिलों में बिजली आपूर्ति करती है. जिसे चतरा, हजारीबाग, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, गिरिडीह है. कोविड 19 के मद्देनजर आयोग की ओर से इस बार वर्चुअल जनसुनवाई की जा रही है.

उपभोक्तों ने कहा पूर्व का बकाया एडजस्ट करें

इस दौरान उपभोक्ताओं ने पहले के वित्तीय प्रदर्शन पर सवाल खड़े किये. साथ सरप्लस अमाउंट को एडजस्ट करने की मांग की गयी. अधिकांश उपभोक्ताओं ने कहा कि डीवीसी के प्रस्तावित बिजली टैरिफ अधिक है. जो वर्तमान समय में नहीं बढ़ना चाहिये. लॉकडाउन के दौरान तंगी का जिक्र भी कई उपभोक्ताओं ने किया.

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भूषण रस्तोगी नामक उपभोक्ता ने जानकारी दी कि डीवीसी की ओर से साल 2017-18 और 2018-19 में सरप्लस अमांउट दिखाया गया है. जिससे अब एडजस्ट किया जाना चाहिये. केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग का भी यहीं गाइडलाइन है. उन्होंने कहा जो क्लेम इस वित्तिय वर्ष के लिये डीवीसी ने पेश किया है. वो नियमों को ताक में रख कर दी गयी है. वहीं टैरिफ पीटिशन में वित्तिय स्थिति में स्पष्ट बातों का उल्लेख नहीं होने के बात इस दौरान उपभोक्ताओं ने उठायी.

केंद्रीय आयोग के नियमों को मानें आयोग

कुछ उपभोक्ताओं ने मांग की कि बिजली टैरिफ, बिजली उत्पादक कंपनियों और जेनरेटरों के लिये केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग ने कई प्रावधान किये हैं. जिनको डीवीसी नहीं मानती है. इस मामले में कई मामले खुद आयोग और कुछ पावर ट्रिब्यूनल में पेंडिंग हैं. ऐसे में आयोग को डीवीसी की नयी बिजली दरों को तय करने से पहले इन बातों का ध्यान रखना चाहिये.

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