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1350 करोड़ से अधिक के स्मार्ट सिटी सेंटर का निर्माण कार्य धीमा

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  • 109 करोड़ की लागत से बन रहे जूपमी का काम होगा नवंबर 2019 में पूरा
  • कन्वेंशन सेंटर, सिविक टावर, रांची स्मार्ट सिटी का 10 फीसदी काम पूरा
  • एलएनटी को 470 करोड़ के एरिया बेस्ड डेवलपमेंट और 407 करोड़ का कन्वेंशन सेंटर का काम भी मिला

Deepak

Ranchi: झारखंड सरकार की महात्वाकांक्षी परियोजना स्मार्ट सिटी का निर्माण कार्य धीमा चल रहा है. पांच चरणों में इस सिटी में 1350 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे. इसमें एलएनटी को 470 करोड़ का एरिया बेस्ड डेवलपमेंट और 407 करोड़ का कनवेंशन सेंटर का काम मिला हुआ है. फिलहाल इसके एक पार्ट यानी झारखंड अरबन मैनेजमेंट प्लानिंग इंस्टीट्यूट (जूपमी) का काम तेजी से चल रहा है.

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नवंबर तक पूरा होगा जूपमी सेंटर का काम

जूपमी में आठ भवन बनाये जाने थे. 109 करोड़ की लागत वाले जूपमी सेंटर का काम नवंबर 2019 में पूरा हो जायेगा. इसमें छात्रावास, प्रशिक्षण सेंटर, ऑडिटोरियम और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि नगर विकास विभाग के प्लानिंग से जुड़े अभियंता और अन्य कर्मियों का प्रशिक्षण दिया जा सके. एमपीवी प्रोजेक्ट्स को यह काम मिला है. इसमें भवन का स्ट्रक्चर लगभग पूरा हो गया है. अब इंटीरियर और अन्य काम पूरा किया जा रहा है. कंपनी को सरकार की तरफ से 50 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया गया है.

स्मार्ट सिटी में कनवेंशन सेंटर और सिविक टावर महत्वपूर्ण अव्यय हैं. इनका निर्माण 598 करोड़ की लागत से किया जा रहा है. एचइसी के 656.43 एकड़ जमीन में स्मार्ट सिटी बनायी जा रही है. कन्वेंशन सेंटर 25908 वर्ग फीट में बन रहा है, जहां सारी अत्याधुनिक सुविधाएं रहेंगी. इसका 10 फीसदी काम अभी पूरा हो पाया है. फाउंडेशन में आ रही दिक्कतों को समाप्त कर दिया गया है. तीसरे चरण में 15 मंजिले अरबन सिविक टावर में भी सरकार की ओर से फाउंडेशन का काम करने की अनुमति दिये जाने के बाद शापुरजी पालोनजी ने फाउंडेशन का काम पूरा कर लिया है.

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अरबन सिविक टावर के 12293 वर्ग मीटर स्पेस में पूरी तरह अंडरग्राउंड सिवरेज होगा. यहां पर बिजली व्यवस्था, वाई-फाई व्यवस्था के लिए भी अंडरग्राउंड केबलिंग की जायेगी. कन्वेंशन सेंटर और अरबन सिविक टावर का काम फरवरी 2020 तक पूरा करने की मियाद तय की गयी है. अब स्मार्ट सिटी में फोर-सी का काम भी होगा. यह काम हनीवेल कंपनी को दिया गया है. 155 करोड़ की लागत से नेटवर्किंग और अन्य सुविधाएं विकसित की जायेंगी.

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एलएनटी को सरकार की ओर से एरिया बेस्ड डेवलपमेंट का काम आवंटित किया जा चुका है. इसमें 470 करोड़ खर्च होंगे. एरिया बेस्ड डेवलपमेंट में परिवहन व्यवस्था, सरकुलर रोड, सड़क के किनारे वृक्षारोपण, र्स्टाम वाटर ड्रेनेज सिस्टम, पेयजलापूर्ति एवं जलशोधन प्रणाली का विकास, प्रदूषित जलशोधन प्रबंधन, उर्जा आधारभूत संरचना, स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम और भूमि विकास का काम किया जाना है.

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