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झारखंड में संवैधानिक क्राइसिस, लोकतांत्रिक अधिकारों का लगातार हो रहा हननः अमर बाउरी

Ranchi : पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी ने राज्य सरकार पर हमला बोला है. राज्य में संवैधानिक क्राइसिस उत्पन्न हो जाने का आरोप लगाया है. गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों, नागरिकों के हितों के लिए जो बोर्ड, आयोग, निगम हैं, उनमें फरियाद सुननेवाला कोई नहीं है. ऐसे में आम लोगों के हितों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है. संविधान में सभी धर्मों, जातियों, वर्गों के लिए सम्मान और समानता की बात है. पर हेमंत सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है.

विधानसभा में नमाज कक्ष का मसला हो या जेएसएससी, जेटेट से भाषाओं को हटाये जाने का, तुष्टिकरण के ही उदाहरण हैं.

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जेपीएससी रिजल्ट के मसले पर जब कैंडिडेट आंदोलन करते हैं तो निहत्थे अभ्यर्थियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों पर भी लाठियां बरसाती हैं. एफआइआर भी दर्ज कराती है. यह बताता है कि राज्य में संवैधानिक हक, मर्यादाओं को लगातार तार-तार किया जा रहा है.

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पार्टी निकालेगी संविधान गौरव यात्रा

अमर बाउरी ने कहा कि 26 नवंबर को पूरे प्रदेश में संविधान गौरव यात्रा निकाली जायेगी. पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश भर में ऐसी यात्राएं पार्टी की ओऱ से निकाली जा रही हैं. 6 दिसंबर को बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस तक यह यात्रा राज्य के अलग-अलग हिस्से में जारी रहेगी.

रांची में पार्टी महानगर (भाजपा) के साथ मिल कर एससी मोर्चा अल्बर्ट एक्का चौक से हाइकोर्ट के समीप स्थित बाबा आंबेडकर की प्रतिमा तक यह यात्रा निकलेगी.

पहली बार देश भर में संविधान के प्रति कृतज्ञता जताने को इस तरह की यात्रा का आयोजन किया गया है. उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में लोगों से इस यात्रा का हिस्सा बनने की अपील की.

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संविधान सर्वोपरि

भाजपा के लिए संविधान सर्वोपरि है. जब संसद के दोनों सदन में कृषि कानून पास हो गये तब भी जनभावना को सम्मान देने और संविधान के प्रति आदर दिखाने को इसकी वापसी को मोदीजी तैयार हो गये. बहुमत के बावजूद वे चाहते तो ऐसा करने को बाध्यकारी नहीं थे.

कांग्रेस जैसी पार्टियां अपने तुष्टिकरण के वास्ते देश में इमरजेंसी तक लागू करवाती रही हैं. पर इसके विपरीत भाजपा सत्ता में हो या विपक्ष में, संवैधानिक मर्यादाओं को बनाये रखने में आगे रही है.

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