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कांग्रेस के 4 जिलाध्यक्ष गठबंधन के विरोधी,  अन्य ने कहा- फेयर डील हो

Ranchi : लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह ने सभी जिला अध्यक्षों से महागठबंधन को लेकर फीडबैक मांगा था. यह फीडबैक 15 दिनों में देनी थी. अधिकतर जिला अध्यक्षों अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. कमोबेश सभी ने शीर्ष नेतृत्व को पार्टी के सम्मान के साथ जेएमएम के साथ गठबंधन करने की सलाह दी है. जेवीएम और आरजेडी के साथ गठबंधन पर कई जिलाध्यक्ष सहमत नहीं दिखे. फीडबैक को लेकर न्यूज विंग ने पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों से संपर्क की कोशिश की. लातेहार, रामगढ़, गिरिडीह औऱ चतरा के जिला अध्यक्षों से संपर्क नहीं हो सका. वहीं कुछ ने अभी तक फीडबैक नहीं सौंपने की बात कही.

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सम्मानजनक गठबंधन के पक्ष में दिखे रहे अधिकतर जिला अध्यक्ष

विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के पक्ष में रह कर चुनाव लड़ने को कई जिलाध्यक्ष सही बताते हैं. इनमें हजारीबाग, सिमडेगा, धनबाद, पलामू, कोडरमा, साहेबगंज, गोड्डा और पाकुड़ जिले के जिला अध्यक्ष शामिल हैं.

हजारीबाग

हजारीबाग जिला अध्यक्ष देवकुमार राज ने कहा कि गठबंधन सभी दलों के साथ नहीं केवल जेएमएम के साथ ही होना चाहिए. लोकसभा चुनाव के वक्त चतरा सीट पर आरजेडी ने गठबंधन के हितों की अनदेखी की. बाबूलाल और प्रदीप यादव चुनाव में पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुए हैं.

सिमडेगा

सिमडेगा जिला अध्यक्ष अनूप केसरी का कहना है कि गठबंधन होना चाहिए. ऐसा होता है, तो कोलेबिरा और सिमडेगा सीट के अलावा तोरपा और खूंटी सीट पर महागठबंधन की जीत तय है.

धनबाद

धनबाद जिला अध्यक्ष ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जेएमएम के साथ गठबंधन होना चाहिए.

पलामू

पलामू जिला अध्यक्ष जैश रंजन (बिट्टू) पाठक ने कहा कि जिले में आरजेडी से गठबंधन किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए. बाकी दलों के साथ गठबधंन पर शीर्ष नेतृत्व विचार करे. उनका निजी विचार है कि जेएमएम और जेवीएम के साथ गठबंधन होता है, तो नुकसान नहीं होगा.

कोडरमा

कोडरमा जिला अध्य़क्ष मनोज सहाय पिंकू ने बताया कि कि महागठबंधन होना चाहिए, लेकिन कांग्रेस ही मजबूत पार्टी की भूमिका में हो. इस सीट पर पार्टी को चुनाव लड़ना चाहिए.

साहेबगंज

साहेबगंज जिला अध्यक्ष अनुकुल चंद्र मित्रा का मानना है कि यहां महागठबंधन के तहत ही चुनाव होना चाहिए. सीट (पाकुड़ और साहेबगंज) पर पार्टी मजबूत है, महागठबंधन बनने पर पार्टी को यहां चुनाव लड़ना चाहिए.

गोड्डा

गोड्डा जिला अध्यक्ष दिनेश यादव ने कहा कि महागठबंधन हो, लेकिन सम्मानजनक स्थिति में हो. जिले का  अध्यक्ष होने के नाते उनका मानना है कि इस स्थिति में गोड्डा और महागामा विधानसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी चुनाव लड़े.

पाकुड़

पाकुड़ जिला अध्यक्ष उदय लखमानी ने कहा कि महागठबंधन का होना इस समय पार्टी के पक्ष में है. राजमहल लोकसभा सीट की भारी जीत महागठबंधन की ही देन है.

नहीं सौंपा हैं फीडबैक, निजी राय महागठंबधन के पक्ष में

रांची

रांची जिला महानगर अध्यक्ष संजय पांडेय और जिला ग्रामीण अध्यक्ष सुरेश बैठा ने अभी तक फीडबैक रिपोर्ट नहीं सौंपे जाने की बात कही. निजी राय बताते हुए सुरेश बैठा ने कहा कि महागठबंधन में रहते पार्टी को चुनाव लड़ना चाहिए. सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियों को मिल कर चुनाव लड़ने पर यूपीए सरकार बनने की संभावना है.

खूंटी

खूंटी जिला अध्यक्ष राम कृष्ण चौधरी का कहना है कि अभी उन्होंने फीडबैक नहीं सौंपा है, जिले के सभी प्रखंड अध्यक्ष से अभी राय लेना बाकी है. लेकिन राज्य की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए महागठबंधन होना चाहिए. जिले में आरजेडी का कोई विशेष जनाधार नहीं है, ऐसे में जेएमएम और जेएमएम से मिल कर चुनाव लड़ना चाहिए.

बोकारो

बोकारो जिला अध्य़क्ष मंजूर अंसारी का कहना है कि अभी तक उन्होंने फीडबैक नहीं सौंपा है. व्यक्तिगत राय उनकी यही है कि मौजूदा हालत में बीजेपी की नीति को देख महागठबंधन होना ही चाहिए. जेएमएम के साथ सम्मानजनक बातों के साथ गठबंधन होना चाहिए. ऐसा मैसेज नहीं जाये कि कांग्रेस उसी के अधीन होकर चुनाव लड़ रही है. जरूरत पड़े, तो जेवीएम को भी कुछ सीट देकर शामिल किया जाना चाहिए.

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गोपनीय बात कह कर बचते रहे कई जिलाध्यक्ष

पू. सिंहभूम

पू. सिंहभूम जिला अध्यक्ष विजय खां का कहना है कि यह पार्टी की गोपनीय बातें हैं. इस पर वे अभी कुछ नहीं कह सकते हैं.

प. सिंहभूम

प.सिंहभूम जिला अध्यक्ष सन्नी सिंकु ने भी माना कि फीडबैक में कही बातें संगठन का आंतरिक मामला है. इस पर वे मीडिया को कोई बयान नहीं देंगे.

लोहरदगा

लोहरदगा जिला अध्यक्ष साजिद अहमद (चंगू) ने इसे पार्टी की गोपनीय बात कहते हुए इसपर कुछ भी बताने से इनकार किया.

गढ़वा

गढ़वा जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार तूफानी का कहना है कि अभी वे इस पर कुछ भी नहीं कह सकते. लेकिन उनका निजी राय यही है कि महागठबंधन केवल जेएमएम के ही साथ होना चाहिए. जेवीएम और आरजेडी के साथ नहीं.

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दुमका, देवघर, जामताड़ा और सरायकेला-खरसांवा जिला अध्यक्ष नहीं चाहते गठबंधन हो

दुमका

दुमका जिला अध्यक्ष श्यामल किशोर सिंह का मानना है कि महागठबंधन का अनुभव काफी खराब रहा है. ऐसे में जिला कार्यकर्ता चाहते हैं कि विधानसभा चुनाव में पार्टी महागठबंधन में नहीं बल्कि अकेले चुनाव लड़े.

देवघर

देवघर जिला अध्यक्ष मुन्नम संजय ने कहा कि प्रभारी के साथ मीटिंग के दौरान उऩ्होंने महागठबंधन नहीं होने की मांग की थी. पार्टी को अकेले चुनाव लड़ना चाहिए. जीतने के बाद अगर जरूरत पड़े, तो मिल कर सरकार बनायें. ऐसा होने पर ही पार्टी कार्यकर्ता जिंदा रहेंगे.

जामताड़ा

जामताड़ा जिला अध्यक्ष मुक्ता मंडल का कहना है कि महागठबंधन पर पार्टी विचार कर सकती है. जिले में पार्टी मजबूत स्थिति में है. ऐसे में महागठबंधन नहीं होता है, तो पार्टी के लिए अच्छा ही होगा. लोकसभा में तो गठबंधन हुआ ही था. रिजल्ट सभी जानते हैं.

सरायकेला-खरसावां

सरायकेला-खरसावां जिला अध्यक्ष छोटेराय किस्कू का कहना है कि अभी तक उन्होंने फीडबैक नहीं भेजा है. लेकिन जिला अध्यक्ष होने के नाते उनकी निजी राय है कि महागठबंधन से पार्टी को नुकसान ही ज्यादा है. फिर भी अगर महागठबंधन बनता है, तो सम्मानजनक तौर पर बनाना चाहिए.

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