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राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठानेवाले दल के साथ कांग्रेस नहीं करेगी गठबंधन : राजेश ठाकुर

Ranchi : कांग्रेस से महागठबंधन को लेकर जेएमएम विधायक कुणाल षाड़ंगी के दिये बयान पर कांग्रेस ने नाराजगी जतायी है. पार्टी के मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर ने जेएमएम विधायक के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महागठबंधन के सहयोगी दलों का कोई भी नेता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़ा करता है, तो कांग्रेस पार्टी के उस दल से गठबंधन करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता.

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राजेश ठाकुर ने कहा कि कुणाल षाड़ंगी पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता होने के साथ एक विधायक भी हैं. निजी राय की बात कह कर मीडिया में महागठबंधन के बारे में कुछ भी कहना कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है. उनके दिये बयान ‘कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तुलना में नरेंद्र मोदी का चेहरा ज्यादा प्रभावी है. इसी कारण देश ने पार्टी और राहुल गांधी को नकार दिया है’, से साफ संकेत है कि भविष्य में राजनीति किस तरफ करवट बदलनेवाली है. इस तरह का बयान देकर कुणाल षाड़ंगी बनने जा रहे महागठबंधन को कमजोर कर रहे हैं. कुणाल के बयान को अगर किसी राजनीतिक दबाव के रणनीति का हिस्सा माना जाये, तो कांग्रेस भी चाहेगी कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व महागठबंधन पर विचार करे. राजेश ठाकुर ने जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को इस पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दी है.

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महागठबंधन पर कुणाल ने दिया था बयान

बहरागोड़ा से पार्टी विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहा था कि वे नहीं चाहते कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ किसी तरह का गठबंधन हो. हालांकि वह मानते हैं कि यह उनकी निजी राय है और गठबंधन पर फैसला पार्टी की केंद्रीय कमेटी और नेतृत्व पर ही निर्भर है. वह पार्टी के फैसले के साथ खड़े हैं. उन्होंने यहां तक कहा था कि महागठबंधन नहीं बनने की सबसे बड़ी वजह लोकसभा चुनाव का रिजल्ट है. देश ने बीजेपी और नरेंद्र मोदी के मुकाबले कांग्रेस और राहुल गांधी को नकार दिया है. कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व खुद को स्थिर नहीं कर पा रहा है. अंदरूनी कलह के कारण राज्य में भी पार्टी की स्थिति ठीक नहीं है.

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