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कांग्रेस प्रदेश कमिटी के गठन के सवाल पर बोले प्रदेश अध्यक्ष- भाजपा न करे हमारी चिंता

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Ranchi : लोकसभा चुनाव करीब है. महागठबंधन में शामिल होकर कांग्रेस जहां सत्ता में आने का ख्वाब संजोये हुए है, पार्टी के कुछ नेता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार के नेतृत्व में पार्टी की मजबूती की बात को स्वीकार कर रहे हैं, वहीं कुछ का कहना है कि डॉ अजय कुमार के प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाले एक साल होने को है. इसके बावजूद अभी तक प्रदेश कमिटी का गठन नहीं किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, झारखंड प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष को 31 अगस्त तक सभी कमिटियों को गठित करने का निर्देश दिया था. जिला और प्रखंड स्तर की कमिटियों को गठित कर उन्होंने पार्टी आलाकमान के समक्ष अपना कुशल नेतृत्व तो साबित कर दिया, लेकिन कमिटी गठित न करने के पीछे का उद्देश्य अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है. इस सवाल पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत ने कहा है कि कमिटी गठित नहीं हुई, फिर भी पार्टी लगातर उनके (डॉ अजय कुमार के) नेतृत्व में आगे बढ़ रही है. इस सवाल पर डॉ अजय कुमार ने कहा कि यह भाजपा नेताओं की सोच है. उन्होंने कहा कि वे उनके बारे में चिंता न करें. पार्टी के अंदर कई कमिटियां गठित की गयी हैं. इसमें इलेक्शन कमिटी, मैनिफेस्टो कमिटी प्रमुख हैं.

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पहले भी प्रदेश अध्यक्ष पर लगते रहे हैं आरोप

मालूम हो कि पहले भी डॉ. अजय कुमार पर संगठन के अंदर संविधान से बाहर होकर कई निर्णय लेने के आरोप लगते रहे हैं. इस कारण पार्टी में विरोध के स्वर भी उठते रहे हैं. वहीं, कई बार उनके और पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच अनबन की खबर सामने आती रही है. उनके और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, केएन त्रिपाठी के बीच के मनमुटाव की बात भी पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बनती रही है. कई बार ऐसा हुआ है कि एक ही कार्यक्रम में इन सभी के बीच दूरियां देखी गयीं. सबसे बड़ी बात कि उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पूर्व कांग्रेसी नेता भी पार्टी मुख्यालय में कम दिखने लगे हैं. ऐसे में संगठन की मजबूती और 2019 में होनेवाले चुनाव के पहले ही पार्टी नेता अब यह चाहते हैं कि प्रदेश कमिटी का भी गठन जल्द किया जाये.

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निचले स्तर पर सांगठनिक क्षमता मजबूत करना है जरूरी

एक साल बीतने के बाद भी प्रदेश कमिटी गठित नहीं होने पर मची हलचल की बात पार्टी के ही एक शीर्ष नेता ने न्यूज विंग संवाददाता को बतायी. नाम न लिखने की शर्त पर उन्होंने कहा कि कमिटी गठित नहीं होने की चिंता सबसे अधिक पार्टी के पुराने नेताओं को है. पहले की प्रदेश कमिटी में उन्हें कई महत्वपूर्ण पद दिये गये थे. अब ऐसा न होकर उन्हें एक तरह से पार्टी की बैठक से साइटआउट कर दिया गया है. अगर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत के कार्यकाल में बनी कमिटी को देखें, तो अध्यक्ष के अलावा इसमें कई लोगों को उपाध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष, कार्यकारिणी समिति, सचिव, विशेष आमंत्रित सदस्य बनाकर महत्वपूर्ण पद दिये गये थे, ऐसा नहीं होने पर वही नेता अब गौण स्थिति में हैं. वहीं, एक अन्य नेता ने बताया कि ऐसा कुछ नहीं है. डॉ अजय कुमार के नेतृत्व में पार्टी के सभी 24 जिलों के कुल 25 जोन (रांची ग्रामीण और रांची महानगर समेत) में जिला कमिटी और प्रखंड अध्यक्ष, प्रखंड कमिटी, पंचायत कमिटी का गठन किया गया है. बूथ स्तर पर कमिटी गठित होने को ही है. दरअसल, इसके पीछे प्रदेश अध्यक्ष की मुख्य मंशा यह है कि पार्टी आलाकमान को यह जानकारी मिल सके कि नीचे के स्तर पर पार्टी की क्या स्थिति है, ताकि इसी स्तर पर संगठन मजबूत हो सके. इसीलिए यह निर्णय लिया गया कि प्रदेश स्तर की जगह पहले नीचे के स्तर पर कमिटी का गठन किया जाये.

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हमारी पार्टी मजबूत है : डॉ अजय कुमार

न्यूज विंग संवाददाता ने डॉ अजय कुमार से उनके एक साल के कार्यकाल बीतने के बाद भी प्रदेश कमिटी गठित नहीं करने का सवाल किया, तो उन्होंने मजाक भरे लहजे में कहा कि अभी तक करीब 80 विधानसभा क्षेत्र प्रभारी बनाये जा चुके हैं. साथ ही, जिला कमिटी व जिला अध्यक्ष की नियुक्ति की गयी है. राज्य में इलेक्शन कमिटी, मैनिफेस्टो कमिटी गठित की जा चुकी है. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि भाजपावालों को यह चिंता नहीं करनी चाहिए कि प्रदेश कमिटी का गठन किया गया है या नहीं. जब उन्हें बताया गया कि पार्टी के अंदर से ही यह बात सामने आ रही है, तो उनका जवाब था कि कार्यकर्ता भी देखें कि पार्टी के अंदर कई कमिटियां गठित हैं.

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डॉ अजय के नेतृत्व में नहीं रुका है पार्टी का विकास : सुखदेव भगत

इस मुद्दे पर लोहरदगा विधायक व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत ने कहा कि कमिटी गठित करने का फैसला राज्य स्तर पर नहीं, केंद्रीय स्तर पर होता है. हाल के दिनों में लगातार कई विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं, ऐसे में थोड़े समय का अभाव रह गया था, जिस कारण कमिटी गठित करने में देर हुई है. जहां तक पार्टी की मजबूती की बात है, तो राज्य में जिला, प्रखंड स्तर पर जोनल कमिटी पूरी तत्परता से काम कर रही है. सबसे बड़ी बात यह है कि कमिटी गठित नहीं होने के बाद भी पार्टी का न ही कोई काम रुका है और न ही पार्टी का विकास रुका है. पार्टी कार्यकर्ता लगातार रघुवर सरकार की जनविरोधी नीतियों को जनता के समक्ष लाने का काम कर रहे हैं.

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