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कांग्रेस सांसद शशि थरूर पहुंचे #Jamia_Millia_Islamia, कहा,  CAA अलोकतांत्रिक और संविधान का उल्लंघन है

NewDelhi : नागरिकता संशोधन कानून (CAA) देश में लागू हो चुका है. लेकिन इसका विरोध जारी है. विपक्षी दल इस कानून का विरोध कर रहे हैं.  साथ ही JNU,  जामिया मिल्लिया इस्लामिया आदि यूनिवर्सिटी में छात्र इसके विरोध में आंदोलन कर रहे हैं. पिछले दिनों देश के कई शहरों में CAA के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए थे.

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शशि थरूर जाम में फंस गये

इसी क्रम में कांग्रेस सांसद शशि थरूर रविवार को नागरिकता कानून (CAA) पर अपने विचार रखने जामिया मिल्लिया इस्लामिया पहुंचे. वहां  शशि थरूर ने कहा कि CAA अलोकतांत्रिक और भेदभावपूर्ण है. यह भारतीय लोकतंत्र पर धब्बा है.इससे पहले शशि थरूर जाम में फंस गये. पुलिस बैरिकेडिंग के कारण वो अपनी कार छोड़कर पैदल ही जामिया यूनिवर्सिटी गये.

थरूर ने कहा कि जामिया और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय(JNU) में बेहद शर्मनाक बर्ताव सरकार ने किया . जामिया में पुलिस ने खुद हॉस्टल और लाइब्रेरी में तोड़फोड़ की. यहां कुछ लोगों को पुलिस ने घायल किया, कुछ लोग मारे भी गये.  यह पुलिस का विरोध रोकने  का तरीका है. इसी तरीके से छात्रों से दुर्व्यवहार किया गया.

शशि थरूर ने कहा है कि हमारे देश में असंतोष बेहद कीमती है. यह समझना  बेहद जरूरी है कि छात्रों का समर्थन करना चाहिए.  कहा कि CAA की प्रकृति धार्मिक आधार पर भेदभाव करने की है. यह संविधान का उल्लंघन है. इसका विरोध होना चाहिए.

शशि थरूर ने कहा कि दूसरी सबसे बड़ी समस्या यह है कि अमित शाह खुद इसे राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर(NRC) से लिंक कहने का बात दोहरा रहे हैं. इन्हीं दो कानूनों के खिलाफ लोगों में आक्रोश है

भारत की पहचान एक धर्म और एक जाति के रूप में नहीं हैं

इससे पहले कांग्रेस नेता शशि थरूर ने आज तक चैनल से हुई खास बातचीत में कहा था कि भारत की पहचान एक धर्म और एक जाति के रूप में नहीं हैं, लेकिन फिर भी भारत में एकता है. जेएनयू में हुई हिंसा के खिलाफ छात्र सड़क पर उतर आए.

इस विरोध प्रदर्शन में राजनीति से दूर रहने वाले कॉलेज का साथ आना सबसे अहम है. बता दें कि पिछले दिनों नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जामिया में हिंसा देखने को मिली थी. इस दौरान कई छात्र घायल हो गए थे. पुलिस को इस हिंसा में आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े थे.

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