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मई में मिल सकता है कांग्रेस को नया अध्यक्ष, अशोक गहलोत को मिल सकती है कमान

CWC की बैठक में किसान आंदोलन पर हुई चर्चा, अर्नब गोस्वामी के वायरल वॉट्सऐप चैट

New delhi : कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक चल रही है.इस बैठक से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है कि मई में कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल सकता है.दरअसल, बैठक में मई में संगठनात्मक चुनाव कराने को लेकर सहमति बनती दिख रही है. सूत्रों के मुताबिक बैठक में मौजूदा किसान आंदोलन को लेकर भी चर्चा हो रही है.अर्नब गोस्वामी के वायरल वॉट्सऐप चैट को लेकर भी सोनिया गांधी ने अपना गुस्सा जाहिर किया.

वहीं, अंदरखाने खबर यह भी आ रही है कि अगर राहुल गांधी फिर से कांग्रेस अध्यक्ष बनने से मना करते हैं तो अशोक गहलोत को कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है.

इस बात की संभावना इसलिए भी जताई जा रही है क्योंकि गहलोत गांधी परिवार के बेहद करीबी और विश्वसनीय हैं.राजस्थान में मुख्यमंत्री बनाने के लिए भी उनको सचिन पायलट पर तरजीह दी गई थी.

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केंद्र सरकार पर बरसीं सोनिया गांधी

कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) की बैठक को संबोधित करते हुए अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा.सोनिया गांधी ने कहा कि किसानों के मुद्दे पर सरकार का घमंड और असंवेदनशीलता साफ नजर आ रही है.सोनिया गांधी ने कहा कि नए कृषि कानूनों को जल्दबाजी में लागू किया गया, इस पर संसद में सही तरीके से चर्चा तक नहीं की गई.

अर्नब गोस्वामी के वॉट्सऐप चैट पर कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता हुआ

कांग्रेस वर्किंग कमेटी में सोनिया गांधी ने रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अरनब गोस्वामी की कथित वॉट्सएप चैट का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि दूसरों को देशभक्ति और राष्ट्रवाद का प्रमाणपत्र बांटने वाले अब पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं.अर्नब गोस्वामी के लीक हुए वॉट्सऐप चैट पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से पूर्ण रूप से समझौता किया गया.

जनहित के कई मुद्दों पर चर्चा की जरूरत

सोनिया गांधी ने कहा, ‘एक सप्ताह में संसद सत्र आरंभ होने जा रहा है.यह बजट सत्र है, लेकिन जनहित के कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर पूरी तरह चर्चा किए जाने की जरूरत है.क्या सरकार इस पर सहमत होती है, यह देखना होगा.इसके अलावा अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार निजीकरण की हड़बड़ी में है.

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जी-23 नेताओं ने पत्र लिखकर शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाया था

कांग्रेस में पार्टी नेतृत्व को लेकर बीते साल 23 सीनियर नेताओं ने सोनिया गांधी को एक चिट्ठी भी लिखी थी.कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में ये पत्र लिखा गया था.इन नेताओं में कपिल सिब्बल और आनंद शर्मा सरीखे नेता भी शामिल थे.इस ‘लेटर बम’ के बाद कांग्रेस में भूचाल आ गया था जिसके बाद आनन फानन में CWC की बैठक बुलाई गई और असहमत नेताओं को शांत करने के लिए एक कमिटी बनाई गई थी.

CWC की बैठक में राहुल को फिर से अध्यक्ष बनाने की हुई थी मांग

‘लेटर बम’ के बाद सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक में गांधी परिवार के करीबी नेताओं ने एक बार फिर राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग की थी.हालांकि खुद राहुल गांधी इससे इनकार करते रहे.सोनिया गांधी ने नाराज नेताओं को मनाने के लिए जो कमिटी बनाई थी उसमें पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी शामिल थे.

कपिल सिब्बल बोले- स्थिति जस की तस

कांग्रेस नेता कपिल सिब्ब्ल ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को लेकर अपनी नाराजगी फिर से जाहिर की.उन्होंने कहा कि संगठनात्मक बदलाव की मांग को लेकर 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी, उनसे मुलाकात की.

इसके बावजूद आंतरिक चुनाव को लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ है.स्थिति जस की तस बनी हुई है.सिब्बल ने कहा कि सोनिया गांधी ने इस पर खुली चर्चा की थी लेकिन आंतरिक चुनाव के लेकर अबतक कोई रेस्पॉन्स नहीं आया है और न ही ये पता है कि यह कब और कैसे होगा.

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