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कांग्रेस नेता मनीष तिवारी का दावा, संसद में सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव ला रही भाजपा

2024 के लोकसभा चुनाव से पहले संसद में सीटों की संख्या

New Delhi : कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी (Manish Tewari) ने रविवार को दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार 2024 लोकसभा चुनाव से पहले संसद में सीटों की संख्या बढ़ाकर 1000 या उससे अधिक करने का प्रस्ताव लाना चाहती है. इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक मनीष तिवारी ने कहा कि सत्ताधारी भाजपा को ऐसा करने से पहले सार्वजनिक परामर्श लेना चाहिए.

मनीष तिवारी ने एक ट्वीट में कहा कि मुझे भारतीय जनता पार्टी में संसदीय सहयोगियों द्वारा विश्वसनीय रूप से सूचित किया गया है कि लोकसभा चुनाव 2024 से पहले संसद के सीटों की संख्या 1000 या उससे अधिक करने का प्रस्ताव है. जानकारी हो कि 1000 सदस्यों की बैठने की क्षमता वाले नये संसद भवन का निर्माण भी चल रहा है.

मनीष तिवारी ने कहा कि भाजपा को ऐसा करने से पहले एक गंभीर सार्वजनिक परामर्श होना चाहिए.

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कार्ति बोले, वृद्धि जनसंख्या पर आधारित होगी तो मंजूर नहीं

कांग्रेस के एक अन्य सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि सार्वजनिक बहस की जरूरत है. हमारे जैसे बड़े देश को अधिक सीधे निर्वाचित प्रतिनिधियों की जरूरत है. लेकिन अगर वृद्धि जनसंख्या पर आधारित है तो यह दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को और कम कर देगी, यह स्वीकार्य नहीं होगा. इसलिए इस पर चर्चा कर इसका आधार तय होना चाहिए.

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लोकसभा अध्यक्ष ने भी कही थी सीटें बढ़ने की बात

बता दें कि वर्तमान में लोकसभा में 543 और राज्यसभा में 245 सदस्य हैं. हालांकि, सरकार ने नये संसद भवन के निर्माण के बाद संसद में जनप्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाने के संकेत दिए हैं. इंडिया टुडे के साथ दिसंबर 2020 के एक साक्षात्कार में, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था कि यह मान लिया जाना चाहिए कि निकट भविष्य में सांसदों की संख्या में वृद्धि होगी क्योंकि कुछ लोकसभा सीटें 1.6 मिलियन से 1.8 मिलियन लोगों का प्रतिनिधित्व करती हैं.

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अभी ये परेशानी होती है

ओम बिरला ने कहा था कि निचले सदन में जगह की कमी के कारण कई सांसदों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. वर्तमान में, यदि सभी 543 सांसद भवन में मौजूद हैं, तो वे सभी अध्यक्ष को दिखायी भी नहीं देते. कई सांसदों को खंभों के पीछे बैठना पड़ता है. उनकी शिकायत है कि ऐसी स्थिति में वे सदन को संबोधित ठीक से नहीं कर पा रहे हैं. काम करने में कठिनाइयां होती हैं.

ओम बिरला ने कहा कि नये संसद भवन में लोकसभा चैंबर में 888 सदस्यों के बैठने की क्षमता होगी, जिसमें संयुक्त सत्र के दौरान क्षमता को बढ़ाकर 1,224 करने का विकल्प होगा. इसी तरह, राज्यसभा चैंबर में 384 सदस्यों के बैठने की क्षमता होगी.

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