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पलामू: अजय दूबे हत्याकांड को लेकर कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी ने बोला पुलिस पर हमला, कहा पुलिस-अपराधी गठजोड़ में हुई हत्या

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Palamu:  झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री व कांग्रेस के कदावर नेता केएन त्रिपाठी ने पलामू पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया है. कांग्रेस नेता अजय दूबे हत्याकांड में डीएसपी प्रेमनाथ एवं उनकी टीम को कसूरवार ठहराते हुए एक बार फिर से इस मामले की जांच कराने की मांग की है. श्री त्रिपाठी रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत  कर रहे थे.

बेटे की जगह पिता की हत्या होना अनुसंधान का विषय 

कांग्रेस नेता ने कहा कि अजय दूबे हत्या प्रकरण में यह जग जाहिर है कि उनके पुत्र पार्टनरशीप में व्यवसाय कर रहे थे. व्यवसाय फेल होने के बाद डीएसपी प्रेमनाथ के स्तर से दोनों पक्षों में सुलह हो गया थी. सुलहनामा की कुल राशि में से 10,000 रुपया डीएसपी के कहने पर कांस्टेबल अमित कुमार को दूसरे पक्ष को देने के लिए अजय दूबे के पुत्र ने दे दिया था. शेष तय राशि हर हाल में दिला देने की बात डीएसपी द्वारा कह कर मामले का प्रथम दृष्टया पटाक्षेप भी करा दिया गया था. लेकिन अचानक अपराधियों ने घर पर पहुंचकर श्री दूबे के पुत्र को न मारकर कांग्रेस नेता अजय दूबे की हत्या कर दी. यह गहरा अनुसंधान का विषय है.

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अजय दूबे हत्याकांड अपराधी-पुलिस गठबंधन का परिणाम

श्री त्रिपाठी ने कहा कि यह हत्या पुलिस और हत्यारों के बीच रचे गये षडयंत्र का बड़ा हिस्सा है. उन्होंने पुलिसिया कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अजय दूबे की हत्या होने के आठ दिनों बाद तक भी किसी की गिरफ्तारी नहीं होना और फिर जैसे ही कांग्रेस नेताओं द्वारा रेड़मा चैक जाम किया गया. उसके ठीक दूसरे दिन हत्यारे द्वारा कोर्ट में सरेंडर किया जाना, यह कहीं न कहीं पुलिस और अपराधी गठजोड़ को दर्शाता है.

कांग्रेस के दबाव में डीएसपी ने कराया हत्यारे को कोर्ट में सरेंडर  

श्री त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस के बढ़ते दबाव को देखते हुए डीएसपी ने अपराधी को सरेंडर करने से एक दिन पूर्व थाना में बुलाकर मुर्ग-मसलम की पार्टी की. उसके बाद उसे पुलिस के निर्देशन में कोर्ट में सरेंडर करने के लिए कहा गया है. श्री त्रिपाठी का मानना है कि इस कड़ी का सारा साक्ष्य उनके पास उपलब्ध है. श्री त्रिपाठी ने सवालिए लहजे में कहा कि जब पुलिस के सामने सुलह हो गयी. लड़ाई जब अजय दूबे के बेटे के साथ था, तब हत्या अजय दूबे की क्यों की गयी. घटना के बाद अस्पताल में खुद मेरी मौजूदगी में अजय दूबे ने पुलिस को बयान दर्ज कराया था. उसके बाद भी ससमय न तो एफआईआर ही दर्ज की गयी और न ही आरोपी को गिरफ्तार करके घटना के कारणों का आज तक खुलासा ही किया गया.

बिना पैसा लिए कोई काम नहीं हो रहा है पुलिस विभाग में 

कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी ने डंके की चोट पर कहा कि पलामू पुलिस में घूसखोरी इस कदर बढ़ गयी है कि इसे  नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है. मेरे पास घूस देकर थानों में काम कराने वालों की लंबी सूची है, जिसे जब चाहे हम पुलिस के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि जो रिश्वत देने में सक्षम हैं वो पुलिस से बच जा रहे हैं और जो घूस नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें जेल जाना पड़ा है. अजय दूबे हत्याकांड भी इसी भ्रष्टाचार की कड़ी से जुड़ी हुई घटना है, जिसकी निष्पक्ष जांच अनिवार्य है.

सीबीआई जांच की करेंगे मांग 

उन्होंने पलामू एसपी इंद्रजीत माहथा से मांग की है कि अजय दूबे हत्याकांड की जांच वे खुद अपने स्तर से करें. जांच इस एंगल से भी करें कि इसमें पुलिस की कहां कमी रही है और कहां गठजोड़ रहा है- इसका भी पता चल जाये. उन्होंने दोषी पुलिस पदाधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई करने की मांग की है. पलामू पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर पलामू पुलिस उनकी इस मांग पर गौर नहीं करेगी तो वे कांग्रेसियों को पुलिस प्रशासन के खिलाफ मार्च करने के लिए तैयार करेंगे और अजय दूबे हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग सरकार से करेंगे.

इस प्रेस कान्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ट नेता हृदयानंद मिश्र, कैशर जावेद और विमला कुमारी समेत कई कांग्रेसी मौजूद थे.

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