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#Kashmir से जम्मू पहुंचे कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, घाटी में हालात बहुत खराब

Jammu : घाटी में स्थिति बहुत बुरी है. कश्मीर से लौट कर राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने जम्मू में पत्रकारों से यह बात कही. जान लें कि जम्मू कश्मीर के अपने छह दिवसीय दौरे के दूसरे चरण में  आजाद मंगलवार को जम्मू पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि घाटी में बहुत बुरी स्थिति है.

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद शुक्रवार को श्रीनगर पहुंचे थे. इससे पहले श्रीनगर पहुंचने की उनकी कोशिशें तीन बार नाकाम रही थीं, क्योंकि प्रशासन ने उन्हें वहां से लौटा दिया  था.

पत्रकारों द्वारा कश्मीर की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर आजाद ने कहा, बहुत खराब है.उन्होंने अपने आवास के बाहर जम्मू में कहा कि मुझे अभी मीडिया से कुछ नहीं कहना है. मैं कश्मीर में चार दिन रहा तथा दो और दिन जम्मू में रहने के लिए यहां पहुंचा हूं. दौरा समाप्त होने के बाद जो भी कहना होगा, कहूंगा.

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जम्मू कश्मीर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का कोई निशान नहीं है

आजाद ने जम्मू कश्मीर में हालात के बारे में उनकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्टको सौंपे जाने के संबंध में एक सवाल पर कहा कि उनकी दिल्ली वापसी के बाद इस पर फैसला होगा. कहा कि मैं घाटी में ठहरने के दौरान जिन स्थानों पर जाना चाहता था, उसके 10 प्रतिशत स्थानों पर भी प्रशासन ने मुझे जाने नहीं दिया. नेताओं को हिरासत में लिये जाने और राजनीतिक गतिविधियों पर बंदिशों के बारे में आजाद ने कहा, जम्मू कश्मीर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का कोई निशान नहीं है.

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गुलाम नबी आजाद रविवार को अनंतनाग पहुंचे थे

खबरों के अनुसार गुलाम नबी आजाद रविवार को अनंतनाग और सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में पहुंचे थे.उन्होंने जिला मुख्यालय के विभिन्न हिस्सों और फ्रूट मंडी का भी जायजा लिया था. बारामुला फ्रूट ग्रोअर्स एसोसिएशन और सेब व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री को मौजूदा हालात में पेश आ रही परेशानियों से अवगत कराते हुए कहा कि नेफेड द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य उचित नहीं है.

एसोसिएशन के मोहम्मद यूसुफ डार ने कहा  कि सेब की जो पेटी यहां सरकार द्वारा सात सौ रुपये में खरीदी जा रही है, वह उसे दिल्ली की मंडी में डेढ़ हजार रुपये में आराम से बेच सकते हैं. उन्होंने कहा था कि बेहतर होगा कि राज्य सरकार इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवा को जल्द बहाल करे, इससे भी उन्हें अपना माल राज्य के बाहर बेचने में आसानी होगी. जान लें कि आजाद से ज्यादातर लोग जिला मुख्यालय में स्थित डाक बंगले में ही मिले.

बता दें कि आजाद को  16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जम्मू कश्मीर जाने की अनुमति दी थी. सीजेआई  रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कांग्रेस नेता को चार जिलों- श्रीनगर, जम्मू, बारामुला, अनंतनाग में लोगों से मिलने की अनुमति दी थी. हालांकि, कोर्ट ने कहा था कि वे वहां कोई राजनीतिक रैली ना करें. आजाद ने याचिका में  सुप्रीम कोर्ट से अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों से मिलने की अनुमति भी मांगी थी.

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