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ममता-भाजपा विवाद में कांग्रेस की इंट्री दिलचस्प

फुरकान-इरफान अंसारी तक पहुंचा तार, एसएसपी से मुलाकात करेंगे भाजपायी सांसद ने तोड़ी चुप्पी, उम्मीद है कि मामले में मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल भी कुछ बोलेंगे

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Dhanbad : भाजपा नेता दिलीप सिंह के पुत्र रवि और भतीजे सूरज को सरायढेला थाना की जमादार ममता कुमारी की जिद्द के बाद जेल भेजने के मामले पर धनबाद में राजनीति का पारा अब भी चढ़ा हुआ है. मामले में भाजपा के धनबाद सांसद पीएन सिंह का बयान भाजपा नेता के पुत्र और भतीजे के पक्ष में आने के बाद संभावना है कि अब तक चुप्पी साध कर रखनेवाले मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल भी जल्द ही अपना रुख स्पष्ट करेंगे. हालांकि सोशल मीडिया में मेयर पर ही भाजपा नेता के पुत्र और भतीजे को जेल भेजने के लिए जिम्मेवार बताया जा रहा है. भाजपा के जिला कार्यालय में मेयर की नो इंट्री का पोस्टर भी चिपका दिया गया. इसके बाद मेयर के कुछ समर्थकों ने आकर पोस्टर फाड़ा.

कांग्रेस से क्या है ममता का रिश्ता

फेसबुक पर प्रशांत साही नामक एक भाजपा कार्यकर्ता ने अपने पोस्ट में दावा किया है कि बाइक चेकिंग के दौरान भाजपा नेता के पुत्र और भतीजे को गिरफ्तार करने वाली जमादार ममता कुमारी के पति पहले कांग्रेस नेता फुरकान अंसारी के साथ रहते थे. अब उनके विधायक पुत्र डॉ इरफान अंसारी के साथ रहते हैं. दावा किया गया कि इन कांग्रेस नेताओं ने ममता के समर्थन में हंगामा खड़ा करने की जिम्मेवारी कांग्रेस नेता नेता गजेंद्र सिंह और अभिजीत राज को दी. गजेंद्र सिंह पहले जामताड़ा के यूथ कांग्रेस के प्रभारी रह चुके हैं. गजेंद्र सिंह ने ही कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ ममता से मिल कर उन्हें बूके और शाल दिया.

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 101वीं जयंती पर यह सम्मान उन्हें बहादुरी से कर्तव्यनिर्वहन के लिए दिया गया. इस मामले में ममता कुमारी से बात कर सच्चाई जानने की दोपहर में फोन कर कोशिश की गयी तो उन्होंने तत्काल कोर्ट में होने की बात कही. बाद में थाने में आकर बात करने को कहा.

पूर्व जिलाध्यक्ष ने लिखा एसएसपी को आवेदन

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरि प्रकाश लाटा ने अपने एक फेसबुक पोस्ट में भाजपा नेता के पुत्र और भतीजे के मामले में धनबाद के एसएसपी मनोज रतन चोथे के नाम आवेदन लिखा है. इसमें वाहन चेकिंग के दौरान धारा 503-504 के प्रयोग को अनूठा बताते हुए मामले की गहराई से जांच की मांग की गयी है. कहा कि इगो में पुलिसकर्मियों ने दो छात्रों के भविष्य से खेल किया. मामले की स्वतंत्र साक्ष्य के आधार पर जांच की जाए.

इधर, मामले को लेकर विरोध कर रहे भाजपा के सात मंडल अध्यक्ष सहित 38 पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है. हालांकि इनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है. संभावना जतायी जा रही है कि इस मामले में भी संगठन और सरकार की ओर से कुछ पहल हो सकती है. संभव है कि आज भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल एसएसपी से मिलेगा. ममता की कार्रवाई को राजनीतिक एजेंडे के रूप में पेश किया जाएगा.

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