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#Savarkar पर सिंघवी की टिप्पणी से नाराज कांग्रेस आलाकमान, मांगी सफाई

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New Delhi: वीर सावरकर पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता मनु सिंघवी की फजीहत बढ़ गयी है. कांग्रेस के अंदरखाने में खबर है कि पार्टी के आलाकमान अभिषेक मनु सिंघवी की से नाराज है.

इस नाराजगी की वजह है सिंघवी का वो ट्वीट माना जा रहा है जिसमें उन्होंने बीजेपी के नायकों में शामिल विनायक दामोदर सावरकर की प्रशंसा की थी.

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सिंघवी से खफा सोनिया

गौरतलब है कि मनु सिंघवी ने ये ट्वीट सोमवार को तब किया था, जब महाराष्ट्र और हरियाणा के लिए वोटिंग चल रही थी. मीडिया में आयी खबरों के अनुसार, इस ट्वीट की टाइमिंग और इसके सार को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी के संकटमोचन नेताओं में से एक सिंघवी से खफा हैं. और उन्होंने अपने एक विश्वस्त को सिंघवी को फोन करने को कहा और उनसे सफाई मांगी.

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कांग्रेस गलियारे में ट्वीट की चर्चा

महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव की वोटिंग के दिन किये गये इस ट्विट की कांग्रेस में काफी चर्चा है. वहीं सोमवार शाम तक एग्जिट पोल में दोनों राज्यों में बीजेपी की वापसी की खबर देख, कांग्रेस गलियारे में इस ट्वीट पर चर्चा और तेज हो गयी.

नतीजा ये हुआ कि शाम होते-होते कांग्रेस नेता ने अपने ट्वीट पर सफाई देनी शुरू कर दी. टीवी चैनलों पर जाकर उन्हें सफाई देनी पड़ी कि आखिरकार वीर सावरकर को परिपूर्ण कहने का उनका मतलब क्या था.

क्या कहा था सिंघवी ने

गौरतलब है कि सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनु सिंघवी सावरकर को भारत रत्न दिये जाने की भाजपा की मांग के बीच उन्हेंल लेकर एक ट्वीट किया था.

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अभिषेक मनु सिंघवी ने अपने ट्वीट में सावरकर की तारीफ की थी और लिखा था, “मैं व्यक्तिगत रूप से सावरकर की विचारधारा का समर्थन नहीं करता हूं, लेकिन इस तथ्य को नहीं नकारता हूं कि वह एक परिपूर्ण व्यक्ति थे, जिन्होंने हमारे स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया. सावरकर ने दलित अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी और देश के लिए जेल गए.”

हालांकि, सिंघवी ने सोमवार को ही दूसरा ट्वीट किया. जिसमें उन्होंने अपने बयान को लेकर सफाई देनी चाही. कांग्रेस नेता ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, “भारतीय सोच की ताकत समावेशी रही है, स्वतंत्रता संग्राम की कई धाराएं रही है-सावरकर के राष्ट्रवाद में निहित युद्ध उन्माद और हिंसक तत्व से कोई सहमत नहीं हो सकता है, न ही गांधी विरोधी उनके विचारों से, लेकिन ये माना जा सकता है कि वे राष्ट्रवादी विचारों से प्रेरित थे.”

 

गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान वीर सावरकर के नाम पर राजनीति गरम दिखी. बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में भी वीर सावरकर को भारत रत्न दिये जाने की बात शामिल की है.

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