न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

ममता के प्रस्ताव पर पश्चिम बंगाल में कांग्रेस दो फाड़, कहा- जीतने के बाद ममता किसी की नहीं रहतीं

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की जगह मतपत्र से चुनाव कराने की ममता की मांग पर भी कांग्रेस इकाई बंटी हुई है.

957

Kolkata : पश्चिम बंगाल में तेजी से बढ़ती भारतीय जनता पार्टी को रोकने के लिए कांग्रेस और माकपा के साथ आने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आह्वान पर प्रदेश कांग्रेस दो फाड़ हो गयी है. पार्टी के कुछ नेता ममता का साथ देना चाहते हैं तो कुछ किसी भी सूरत में ममता को समर्थन नहीं देने पर अड़े हुए हैं.

इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की जगह मतपत्र से चुनाव कराने की ममता की मांग पर भी कांग्रेस इकाई बंटी हुई है. पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रदीप भट्टाचार्य ने रविवार को कहा कि पार्टी फिलहाल यह तय नहीं कर पा रही है कि ममता का साथ देना है या नहीं.

Trade Friends

उन्होंने कहा कि ईवीएम की जगह मतपत्र एक ऐसा मुद्दा है जो केंद्रीय स्तर पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व उठाते रहे हैं लेकिन राज्य में इस मुद्दे पर समर्थन ममता को मजबूत बनाने जैसा होगा.

इसे भी पढ़ें : झारखंड में हर महीने होती है मॉब लिंचिंग की घटना, यहीं से हुई है शुरुआत : सुबोधकांत सहाय

‘हमने साथ दिया तो धांधली होगी’

Related Posts

#Asansol  : 120 घंटों के बाद अवैध कोयला खदान से निकाले गये तीन मजदूरों के शव  

16 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद एनडीआरएफ  की टीम को मिली सफलता

WH MART 1

उन्होंने कहा कि ममता के साथ पूर्व में हम लोगों का गठबंधन रहा है लेकिन जीतने के बाद वह किसी की नहीं रहती हैं. इसके अलावा भाजपा को रोकने के लिए अगर मतपत्र पर हम लोग उनका साथ भी देते हैं तो चुनाव में व्यापक धांधली होगी जिससे कांग्रेस सांगठनिक तौर पर कमजोर हो जायेगी. ऐसे में उनका साथ देना संभव नहीं है.

कांग्रेस के एक अन्य नेता ने बताया कि तेजी से बढ़ती भाजपा को रोकने के लिए ममता बनर्जी का साथ देना जरूरी है. ईवीएम की जगह अगर मतपत्र से चुनाव होता है तो देश भर में भाजपा कमजोर होगी.

उधर लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पंचायत चुनाव और लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने जिस तरह से मारपीट और अराजकता को बढ़ावा दिया उसे देखते हुए ममता का साथ कभी नहीं दिया जा सकता. अगर मतपत्र पर चुनाव हुए तो सारी मत पेटियां लूट ली जायेंगी. राज्य में निष्पक्ष चुनाव के लिए कोशिश होनी चाहिए लेकिन ममता के साथ मिलकर नहीं.

इसे भी पढ़ें : गिरिडीह : जमीन के पांच फीट भीतर मिला विस्फोटकों का जखीरा, एक हजार डेटोनेटर व 2200 जिलेटिन बरामद

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like