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जीडीपी के आंकड़ों में बदलाव पर कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर, चिदंबरम ने बहुत खराब जोक करार दिया

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी ताजा समायोजित आंकड़ों के अनुसार 2010-11 में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रही थी.  जबकि इसके पहले 10.3 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया था.  

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NewDelhi : सरकार द्वारा यूपीए सरकार के 10 साल के कार्यकाल के अधिकांश वर्षों के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि दर का आंकड़ों घटा दिये जाने पर राजनीतिक घमासान मच गया है. कांग्रेस  ने आधिकारिक तौर पर मोदी सरकार की निंदा की है.  पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मोदी सरकार के इस कदम को बहुत खराब जोक करार दिया है.  पी चिदंबरम ने नीति आयोग के आंकड़े को बहुत बुरा मजाक बताते हुए कहा कि  नीति आयोग का संशोधित जीडीपी आंकड़ा दरअसल एक जोक है.  एक बहुत ही खराब जोक.  कहा कि यह आंकड़े किसी सम्मानित कदम को ठेस पहुंचाने भर के लिए जारी किये गये हैं. कांग्रेस  की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि, मोदी सरकार और इसकी कठपुतली नीति आयोग को विश्वास है कि 2+2=8 होते हैं.  यही इनका दिखावटीपन, चालबाजी, भ्रम फैलाने का कारोबार है जिसे बैक डेटा के तौर पर बेचा जा रहा है.  हालांकि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्य सांख्यिकीविद् ने कहा कि डेटा रिपोर्ट तैयार करने के लिए ज्यादा सटीक शैली का प्रयोग किया गया है जिसकी वैश्विक स्तर पर भी प्रयोग किया जा रहा है.

नौ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर वाले तीन वर्षों के आंकड़ों में भी एक प्रतिशत की कमी

बता दें कि यूपीए सरकार के 10 साल के कार्यकाल के जीडीपी में वृद्धि दर के आंकड़े घटा दिये जाने पर उस एकमात्र वर्ष के आंकड़ों में भी एक प्रतिशत से अधिक कमी आयी है जब देश ने द्विअंकीय वृद्धि दर्ज की थी.  इसके अलावा नौ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर वाले तीन वर्षों के आंकड़ों में भी एक प्रतिशत की कमी आयी है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी ताजा समायोजित आंकड़ों के अनुसार 2010-11 में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रही थी.  जबकि इसके पहले 10.3 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया था.  इसी तरह 2005-06 और 2006-07 के 9.3- 9.3 प्रतिशत के वृद्धि दर के आंकड़ों को घटाकर क्रमश: 7.9 और 8.1 प्रतिशत किया गया है.   2007-08 के 9.8 प्रतिशत के वृद्धि दर के आंकड़े को घटाकर 7.7 प्रतिशत किया गया है.  संशोधित वृद्धि दर के आंकड़े 2019 के आम चुनाव से पहले जारी किये गये हैं.

नीति आयोग के वाइस चेयरमैन ने चिदंबरम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि  कांग्रेस न सिर्फ सीएसओ की बौद्धिक और तकनीकी क्षमता को कमतर बताने की कोशिश कर रही है बल्कि इस रिपोर्ट की समीक्षा करने और इस डेटा को तैयार करने में योगदान देने वाले 10 जाने-माने सांख्यिकी के विद्वानों महत्व को भी कम कर रही है.

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