Ranchi

अशोक नगर में लाइसेंस देने के मामले में उलझन में पड़ा निगम, अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब

Ranchi : अशोक नगर में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के म्यूनिसिपल लाइसेंस को लेकर निगम का पूर्व का आदेश अब उसके लिए ही उलझन का कारण बनता दिख रहा है. निगम ने कुछ दिन पहले ही इलाके में चल रहे कई प्रतिष्ठानों को एक नोटिस देकर अगले तीन दिन के अंदर लाइसेंस लेने का निर्देश दिया था. इस निर्देश के बाद कई आवेदकों ने लाइसेंस लेने के लिए निगम में आवेदन भी दिया था. अब जिला सहाकरिता पदाधिकारी ने इस इलाके के किसी भी प्रतिष्ठानों को म्यूनिसिपल लाइसेंस नहीं देने और पूर्व में निर्गत किये गये लाइसेंस को रद्द करने हेतु एक पत्र नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरि को लिखा है.

 

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एक प्रतिष्ठान को किया था सील, तीन पर जुर्माना

3 जुलाई को रांची नगर निगम ने अशोक नगर इलाके में चल रहे 51 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया था. इन प्रतिष्ठानों को निर्देश देते हुए कहा गया था कि नगरपालिका अधिनियम के तहत निगम क्षेत्र में व्यवसाय करने के एवज में इन प्रतिष्ठानों को म्यूनिसिपल लाइसेंस लेना जरुरी है. निगम के सहायक कार्यपालक पदाधिकारी रामकृष्ण कुमार ने कहा था कि अगले तीन दिन के अंदर वे लाइसेंस नहीं लेते है, तो इन प्रतिष्ठानों को सील कर दिया जाएगा. इस दौरान निगम ने एक प्रतिष्ठान को सील और तीन से फाइन भी वसूला था.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत दिया जाएगा नोटिस : नगर आयुक्त

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आवासीय परिसर का दूसरा उपयोग गैर कानूनी, नहीं दिया जाएगा लाइसेंस

दो हफ्ते के बाद इलाके की स्थिति को लेकर जिला सहकारिता पदाधिकारी मनोज कुमार ने नगर आयुक्त को जैसा पत्र लिखा है, उसके बाद अब निगम के अधिकारी अपने ही आदेश को लेकर उलझे दिख रहे है. पत्र में मनोज कुमार ने इलाके के किसी भी प्रतिष्ठानों को लाइसेंस नहीं देने का आग्रह किया है. पत्र में कहा गया है कि अशोक नगर सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1935 के तहत निबंधित है. ऐसे में इन आवासीय परिसर का दूसरा किसी प्रकार का उपयोग कानूनी रुप से सहीं नहीं है. इसके अलावा पूर्व में अगर किसी को लाइसेंस जारी भी कर दिया गया है, तो उनके निबंधन को रद्द करने की बात पत्र में कही गयी है.

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नया नियम बन रहा है अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब

निगम में कार्यरत एक अधिकारी ने नाम लिखने की शर्त पर बताया कि अशोक नगर इलाके में लाइसेंस को लेकर जो कार्रवाई की गयी थी, उस दौरान निगम ने यह शर्त रखी थी कि अगले तीन दिन के अंदर वे लाइसेंस लें. अब जबकि नया आदेश को लेकर जिला सहकारिता अधिकारिता ने नगर आयुक्त को पत्र लिखा है, वैसे में अब यह काफी उलझन की बात बन गयी है कि निगम अपने पहले के आदेश को कैसे निरस्त करें.

 

नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरि

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत दिया जाएगा नोटिस : नगर आयुक्त

मामले को लेकर नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरि ने साफ किया है कि अशोक नगर एक आवासीय इलाका है. ऐसे में यहां के भवनों में किसी तरह का व्यवासियक उपयोग पूरी तरह से वर्जित है. इसलिए यहां अब किसी तरह का म्यूनिसिपल लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इलाके में जितने भी आवासीय स्थल का व्यवासयिक उपयोग किया जा रहा है, उसे सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश अनुसार एक नोटिस जारी किया जाएगा. नोटिस मिलने के दस दिन के अंदर संबंधित व्यक्ति को नगर आयुक्त कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा, अन्यथा उनके भवन को निगम सील कर देगा.

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