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#NPR को लेकर कांग्रेस में रार, पी चिदंबरम के बहाने संजय निरुपम ने आला कमान पर सवाल दागे  

महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने एक मई से 15 जून के बीच राज्य में NPR कराने की घोषणा की है. इससे कांग्रेस परेशान है.

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NewDelhi : महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने एक मई से 15 जून के बीच राज्य में NPR कराने की घोषणा की है. इससे कांग्रेस परेशान है.  खबर है कि नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) को लेकर कांग्रेस पार्टी में घमासान शुरू हो गया है.

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम द्वारा NPR पर दिये गये बयान को लेकर कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने  चिदंबरम पर हमला बोला है.  संजय निरुपम  ट्वीट कर कहा, टोटल कन्फ्यूजन! पी चिदंबरम चाहते हैं कि NPR का विरोध हो. इसके लिए उन्होंने JNU के छात्रों को कुछ टिप्स दिये हैं.

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NPR, NRC और CAA तीनों अलग हैं, लेकिन तीनों इंटरकनेक्टेड हैं

उधर उद्धव ठाकरे सरकार ने एक मई से 15 जून के बीच NPR कराने का ऐलान किया है. कहा कि महाराष्ट्र की सत्ता में कांग्रेस पार्टी शिवसेना की साझेदार है. क्या दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व को इसकी जानकारी है? संजय निरुपम ने एल्गार परिषद (कोरेगांव-भीमा हिंसा ) मामले में भी NIA जांच को लेकर कहा कि राज्य की होम मिनिस्ट्री स्टेट की पुलिस से जांच कराना चाहती थी, जबकि सीएम उद्धव ठाकरे ने NIA जांच की हामी भर दी.

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जान लें कि गुरुवार को JNU में कांग्रेस के दिग्गज नेता पी चिदंबरम ने कहा था कि अगर सभी राज्य के लोग NPR के खिलाफ लामबंद हो जायें और राज्य सरकारें फैसला कर लें कि इसको लागू नहीं किया जायेगा, तो यह विफल हो जायेगा. कहा कि राज्यों के सहयोग के बिना NPR  लागू नहीं किया जा सकता है. चिदंबरम ने कहा था कि NPR, NRC और CAA तीनों अलग हैं, लेकिन तीनों इंटरकनेक्टेड हैं.

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देश के अंदर रहने वाले नागरिकों को नागरिकता का प्रावधान होता है

जेएनयू में साबरमती हॉस्टल के बाहर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि संविधान में नागरिकता का प्रावधान है और पूरे विश्व में हर जगह देश के अंदर रहने वाले नागरिकों को नागरिकता का प्रावधान होता है. अगर किसी के पिता या पूर्वज भारत में रह चुके हैं, तो उनके बच्चे यहीं के नागरिक होते हैं.

चिदंबरम ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर को संविधान में नागरिकता के अनुच्छेद को बनाने में तीन महीने का समय लगा था, लेकिन वर्तमान सरकार ने 8 दिसंबर को CAA ड्राफ्ट किया और अगले दिन लोकसभा से पास करा लिया. इसके बाद 11 दिसंबर को राज्यसभा से भी यह पास हो गया.

मोदी यूनिवर्सिटी और अमित शाह यूनिवर्सिटी होगी

इस क्रम में  पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर भी तंज कसा था. उन्होंने कहा था कि कुछ दिनों में मोदी यूनिवर्सिटी और जूनियर अमित शाह यूनिवर्सिटी होंगी. नागरिकता को क्षेत्रीय आधार की जगह धार्मिक आधार पर दिया जा रहा है.

कहा कि कई देशों में धर्म के आधार पर नागरिकता दी जाती है, लेकिन भारत में ऐसा नहीं था. कांग्रेस नेता चिदंबरम ने कहा कि भाजपा ने  CAA में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान किया है.

उन्होंने सवाल किया कि अगर पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान हमारे पड़ोसी हैं, तो क्या भूटान, म्यांमार, चीन, श्रीलंका और नेपाल हमारे पड़ोसी नहीं हैं? अगर अल्पसंख्यकों के रिलिजियस परसिक्यूशन पर ही नागरिकता दे रहे हैं, तो फिर पाकिस्तान के अहमदिया, म्यांमार के रोहिंग्या, तमिल हिंदू-तमिल मुसलमान के लोगों के बारे में क्यों नहीं सोच रहे?

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