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तकनीकी शिक्षा का हाल: 17 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के 4642 छात्रों को जेई बनाते हैं केवल 77 शिक्षक

औसतन एक शिक्षक के हाथ में 273 छात्रों का भविष्य

Rahul Guru

Ranchi: खनिज संपदा और उद्योगों से भरे राज्य झारखंड में तकनीकी शिक्षा का हाल बेहाल है. राज्य के छात्र जूनियर इंजीनियर बनने का सपना तो देखते हैं, लेकिन किस हाल में इंजीनियर बनकर निकलते होंगे, इसका अंदाजा शिक्षकों की संख्या से लगा सकते हैं.

राज्य में कुल 42 जूनियर इंजीनियरिंग कराने वाले संस्थान हैं. इसमें 17 राज्य सरकार खुद संचालित करती है. 08 पॉलिटेक्निक टेक्नो इंडिया के भरोसे चलाती है. वहीं 17 निजी पॉलिटेक्निक संस्थान भी हैं. राज्य सरकार के अपने पॉलिटेक्निक संस्थानों में 4642 स्टूडेंट्स को पढ़ाने की क्षमता है. पर इन 17 राजकीय पॉलिटेक्निक में शिक्षकों की संख्या केवल 77 है.

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यानी औसतन एक शिक्षक पर 273 स्टूडेंट्स को जूनियर इंजीनियर बनाने की जिम्मेवारी है. अब आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां के सरकारी संस्थानों से पढ़कर निकलने वाले जूनियर इंजीनियरों का भविष्य क्या होगा. जबकि इन कॉलेजों में शिक्षकों के स्वीकृत पद 376 हैं. अन्य प्रमुख पदों की बात करें तो राजकीय पोलिटेक्निक संस्थानों में प्रिंसिपल के 17 पद हैं, जिसमें 10 खाली हैं. इसी तरह विभागाध्यक्ष के 39 स्वीकृत पद में से 38 खाली हैं.

20 साल बाद राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों को मिले 07 प्राचार्य

तकनीकी शिक्षा के प्रति विभाग का रवैया ऐसा है कि इन्हें प्रिंसिपल तक नहीं मिल पा रहे हैं. राज्य गठन के 20 साल बाद सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों को केवल 07 प्राचार्य मिले हैं, जबकि अब भी 10 पॉलिटेक्निक बिना प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य के भरोसे चल रहा है.

सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों को इस साल 17 मार्च को 07 प्राचार्य मिले हैं. जेपीएससी द्वारा कुल 13 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया साल 2017 में शुरू की गयी थी. नियुक्त सात अभ्यर्थियों में छह अनारक्षित और एक एसटी कैटेगरी से हैं. दुर्भाग्य यह है कि योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण छह पद रिक्त रह गये.

साल 2020 की एडमिशन प्रक्रिया हो चुकी है शुरू

77 शिक्षकों के भरोसे छात्रों को पॉलिटेक्निक की शिक्षा देने के लिए हर साल एडमिशन लिए जाते हैं. साल 2020 के लिए भी एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसके लिए प्रवेश परीक्षा झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (जेसीएईसीबी) लेगी. आठ जून से ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा होना शुरू हो गया है. 02 जुलाई तक एप्लीकेशन डाला जा सकता है. इंट्रेंस एग्जाम जुलाई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में आयोजित किया जायेगा. 10वीं की परीक्षा में शामिल हुए छात्र एप्लीकेशन दे सकते हैं. इस एडमिशन एंट्रेंस के जरिए 17 सरकारी, आठ पीपीपी मॉडल से संचालित और 17 निजी पॉलिटेक्निक कॉलेज में एडमिशन होता है.

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