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कोल्हान में मनरेगा का हाल – पूर्वी सिंहभूम में 40 लाख की अवैध निकासी, तो पश्चिमी में 3 करोड़ 13 लाख का घोटाला

  • सोशल ऑडिट में अवैध निकासी का हुआ खुलासा
  • मनरेगा आयुक्त ने दो हफ्ते में वसूली का निर्देश दिया
  • पश्चिमी सिंहभूम में 8716 मनरेगा योजनाओं में गड़बड़ी
  • मजदूरों का 11 करोड़ 78 लाख 86 हजार का भुगतान बाकी

Jamshedpur :  पूर्वी सिंहभूम जिले में मनरेगा योजना में 40 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली गयी है. मनरेगा योजना की सोशल ऑडिट में इसका खुलासा होने के बाद मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने सोमवार को संबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों से एक सप्ताह के भीतर 40 लाख रुपये की वसूली करने का निर्देश दिया है. मनरेगा आयुक्त ने इसके साथ ही इसकी शत-प्रतिशत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) अपलोड करने के लिए भी कहा है. उन्होंने निर्धारित तिथि तक राशि की वसूली एवं एटीआर अपलोड नहीं होने की स्थिति में संबंधित अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. मनरेगा आयुक्त ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये जिले में मनरेगा योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने सामाजिक अंकेक्षण में योजना राशि की गलत ढंग से निकासी के मामलों के विरुद्ध वसूली की भी समीक्षा की. आयुक्त ने रिजेक्टेड ट्रांजेक्शन का निष्पादन दो दिनों के अंदर करने का निर्देश दिया है. इस आदेश के आलोक में डीडीसी ने पटमदा एवं धालभूमगढ़ प्रखंडों को छोड़कर सभी प्रखंडों को रिजेक्ट ट्रांजेक्शन से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेते हुए निष्पादन करने का निर्देश दिया है.

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कुआं, तालाब और सड़क बनी ही नहीं, लेकिन राशि की निकासी हो गयी

इधर पश्चिमी सिंहभूम जिले में सोशल ऑडिट टीम ने 8716 मनरेगा योजनाओं में गड़बडी पकड़ी है. ये सभी योजनाएं वित्तीय वर्ष 2016-17, 2017-18,2018-19 की हैं. जिसकी कुल राशि 3 करोड़ 13 लाख 89 हजार 471 रुपये की है. इसके अलावा मनरेगा मजदूरों को लगभग 3 माह से मजदूरी भुगतान नहीं किया गया है. सोशल ऑडिट टीम ने रिपोर्ट में बताया है कि कुआं, तालाब और सड़क आदि का निर्माण हुआ भी नहीं और उसकी राशि की निकासी कर ली गयी. वहीं, कई जगहों पर काम हुआ, लेकिन वहां उसका भुगतान ही नहीं किया गया. कई योजनाओं की रिपोर्ट फाइल नहीं मिलना भी इसका कारण है. इसके लिए राशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है. वहीं केंद्र सरकार ने राज्य में राशि वसूली नहीं होने तक मनरेगा की अगली किस्त की राशि देने से इनकार भी कर दिया है, जिसका प्रभाव पश्चिमी सिंहभूम पर भी पड़ा है.

मनोहरपुर, मंझगांव, मंझारी और कुमारडुंगी में है एक करोड़ से अधिक का बकाया

जिले में मनरेगा मजदूरों का 11 करोड़ 78 लाख 86 हजार 934 रुपये का भुगतान बाकी है. जिले के बंदगांव प्रखंड में 81 लाख 18 हजार 900 रुपये, सदर प्रखंड में 40 लाख 25 हजार 475 रुपये, चक्रधरपुर प्रखंड में 96 लाख 17 हजार 365 रुपये, गोईलकेरा प्रखंड में 1 करोड़ 7 लाख 49 हजार 750 रुपये, गुदडी प्रखंड में 13 लाख 80 हजार 375 रुपये, जगन्नाथपुर प्रखंड में 68 लाख 29 हजार 875 रुपये, झींकपानी प्रखंड में 77 लाख 4 हजार 675 रुपये, खूंटपानी प्रखंड में 42 लाख 9 हजार 75 रुपये, कुमारडुंगी प्रखंड में 1 करोड़ 4 लाख 76 हजार 675 रुपये, मंझारी प्रखंड में 1 करोड़ 24 लाख 72 हजार 260 रुपये, मझगांव प्रखंड में 1 करोड़ 18 लाख 39 हजार 500 रूपये, मनोहरपुर प्रखंड में 1 करोड़ 15 लाख 71 हजार 63 रूपये, नोवामुंडी प्रखंड में 47 लाख 45 हजार 250 रूपये, सोनुवा प्रखंड में 48 लाख 84 हजार 129 रूपये, तांतनगर प्रखंड में 42 लाख 38 हजार 550 रूपये, टोंटो प्रखंड में 50 लाख 24 हजार 17 रूपये का भुगतान बाकी है.

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